Bizzare News: कॉर्पोरेट इंडस्ट्री में काम करते लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती वर्क-लाइफ बैलेंस है। आजकल इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने वाले शेड्यूल से वर्किंग स्टाइल पिछली कुछ पीढ़ियों की अपेक्षा काफी हद तक बदल गई है। एक समय हुआ करता था जब ओवरटाइम काम करना लगभग सम्मान की बात थी। मगर, हाल के कुछ वर्षों में कंपनियों के जबरन ओवरटाइम के ऑर्डर से पेशेवर लोगों के वर्क-लाइफ बैलेंस पर गहरा असर पड़ रहा है। यही वजह है कि, कर्मचारी कार्यालय में अत्यधिक घंटे देने के बजाय अपने निजी जीवन को प्राथमिकता देना पसंद करते हैं। यह बातें हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि, इन दिनों एक्स पर एक वायरल पोस्ट ने बवाल मचा दिया है। जिसमें, रोना वांग नामक यूजर ने शेयर किया। वे लिखती हैं कि, 'माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले अपने दोस्त से बात कर रही हूं और जाहिर तौर पर वह हफ़्ते में 15-20 घंटे काम करता है और बाकी समय लीग खेलता है और इसके लिए उसे 300k डॉलर मिलते हैं।'
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
इस पोस्ट को अब तक दो मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है और इसकी वजह से सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई है। अनेक यूजर्स ने इस पर अपने विचार रखे। एक यूजर ने कहा कि, 'माइक्रोसॉफ्ट बेहद आकर्षक है। लगभग सपने जैसा! एमएसएफटी में मेरे लगभग सभी दोस्तों के पास सबसे कम घंटे हैं, कोई तनाव नहीं है और वे ढेर सारा पैसा कमाते हैं और हमेशा बिना किसी प्रोमो के रहना चाहते हैं। मैं उनके लिए खुश हूं।' दूसरे यूजर ने पोस्ट को पढ़कर ईर्ष्या, अविश्वास और प्रशंसा व्यक्त की। तीसरे यूजर ने हैरत जताते हुए कहा कि, 'यह कैसे संभव है? मैं कहां साइन अप करूं?' चौथे यूजर ने मजाक में कहा, 'यह आदमी सपने में जी रहा है जबकि मैं यहां सप्ताह में 50 घंटे काम कर रहा हूं।' इन सभी कमेंट्स से इतर एक अन्य यूजर ने कहा, 'यह सच होने में बहुत अच्छा लगता है। जब चीजें कठिन हो जाती हैं तो दबाव के बारे में क्या?'
गूगल की कॉर्पोरेट लाइफ के बारे में
हाल ही में, गूगल के सिंगापुर कार्यालय में एक कॉर्पोरेट कर्मचारी का वीडियो भी वायरल हुआ। सिंगापुर में काम करने वाली एक कोरियन यूजर ने अपने फॉलोवर्स को गूगल के प्रभावशाली ऑफिस में काम करने के अपने जीवन के एक दिन के बारे में बताया।
इसमें उसका दिन Google ऑफिस पहुंचने से पहले मास रैपिड ट्रांजिट (MRT) के माध्यम से मेट्रो की सवारी से शुरू होता है। इसके बाद उसे ऑफिस में ही फ्री भोजन, कैंपस में बने गार्डन में टहलने, झपकी लेने के कमरे और सैलून सहित कई स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी सुविधाएं मिलती हैं। उसने बताया कि 'जीवंत माहौल तनाव मुक्त कार्य वातावरण में योगदान देता है जो नेटिज़न्स के बीच चर्चा का विषय बन गया।'
(डिस्क्लेमर: यह खबर पूर्णत: वायरल हो रहे दावों पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत इस वायरल खबर से जुड़े किसी भी वायरल दावे की पुष्टि नहीं करता है।)
