Whistling Village of Meghalaya: अगर आपको किसी से कुछ कहना है या कोई मैसेज देना होता है तो आप उसे बोलकर अपनी बात कहते हैं। दूसरी तरफ भारत में एक बहुत ही विचित्र गांव है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव के लोग एक दूसरे से अपनी बात कहने के लिए बोलते नहीं हैं, बल्कि सीटी बजाकर इशारा करते हैं। यह विचित्र गांव नॉर्थ ईस्ट में मौजूद राज्य मेघालय में है। हरे-भरे जंगलों और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए मशहूर मेघालय का यह गांव दुनियाभर में अपनी इस विचित्र परंपरा के लिए मशहूर है।
भारत का सबसे विचित्र गांव (ट्विटर)
मेघालय में मौजूद है अनोखा गांव
इस गांव के लिए बहुत सारी दुर्लभ परंपराओं के साथ अपना जीवन जीते हैं। आपको लगता होगा कि इस गांव के लोगों को बोलना नहीं आता तो यह बात गलत है। बोलना आने के बावजूद भी इस गांव के लोग अपनी दुर्लभ परंपरा का निर्वहन करते हैं और सीटी कम्यूनिकेशन करते हैं। लोग एक-दूसरे तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बोलते नहींं हैं, बल्कि सीटी बजाते हैं। हम जिस गांव की बात कर रहे हैं, उसका नाम कोंगथोंग है। यह अनोखा गांव राजधानी शिलंग से 60 किलोमीटर दूर पूर्वी खासी हिल्स जिले के अंतर्गत आता है।
खास धुन को दिया गया है अनोखा नाम
कोंगथोंग गांव को व्हिसलिंग विलेज के नाम से जाना जाता है। अपना संदेश पहुंचाने के लिए लोग सीटी की धुन का इस्तेमाल करते हैं। इस कारण ही गांव को यह अनोखा नाम मिला है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह धुन किस तरह की होती है। दरअसल, हर ग्रामीण के लिए यह धुन बहुत खास होती है। गांव के लोग एक-दूजे को अनोखी धुन से बुलाते हैं। पीढ़ियों से यह परंपरा चली आ रही है। गांव के लोगों ने इस खास धुन को 'जिंगरवाई लवबी' नाम दिया है। इस शब्द का मतलब है 'मां का प्यार भरा गीत'।
