Wolf Snake Facts: इस धरती पर सांपों की तकरीबन 4000 प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें से 600 प्रजातियां ही विषैली मानी जाती हैं। जरूरी नहीं कि हर खतरनाक दिखने वाला सांप जहरीला हो, लेकिन कई गैर-विषैले सांप अपने आक्रामक अंदाज, अपनी फुर्ती और शिकार करने की अनोखी तकनीक के कारण वैज्ञानिकों को भी हैरान कर देते हैं। इन्हीं में से एक सांप वुल्फ स्नेक है। वुल्फ स्नेक को वैज्ञानिक भाषा में Lycodon कहा जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह सांप भेड़िया की तरह झपट्टा मारकर अपने शिकार को मौत की नींद सुलाता है।
वुल्फ स्नेक (iStock)
भेड़िया की तरह हमला करने वाला सांप
वुल्फ स्नेक भले ही जहरीले सांपों की कतार में शामिल नहीं है लेकिन इसके बावजूद वुल्फ स्नेक के शिकार करने की शैली हर किसी को चौंका देती है। जहां बाकी सांप चिकनी दीवारों पर नहीं चढ़ सकते हैं। वहीं, वुल्फ स्नेक इस मिथक को तोड़ता है। इस सांप के बॉडी की बनावट और मजबूत स्केल्स इसे दीवारों और पेड़ों पर आसानी से चढ़ने में सक्षम बनाते हैं। इस सांप को यह नाम भी इसकी शिकार करने की अनोखी शैली के कारण ही मिला है। इसके मजबूत जबड़े शिकार को कसकर पकड़ते हैं, जिससे इसका शिकार बचकर निकल नहीं पाता है।
मानव बस्तियों के पास दिखते हैं वुल्फ स्नेक
वुल्फ स्नेक का मुख्य भोजन छिपकलियां, चूहे और कभी-कभी छोटे सांप भी होते हैं। ये अक्सर मानव बस्तियों के आस-पास देखे जाते हैं। ये सांप भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। अक्सर वुल्फ स्नेक पुरानी इमारतों, खेतों, बगीचों और घरों की दरारों में छिपा मिल जाएगा। जहां दिन में यह सांप कम ही बाहर निकलता है, वहीं अंधेरा होते ही यह सक्रिय हो जाता है। इस कारण वुल्फ स्नेक को निशाचर भी कहा जाता है। वुल्फ स्नेक का रंग जहरीले करैत से मिलता-जुलता नजर आता है। इस कारण कई बार लोग इसे देखकर भ्रमित भी हो जाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि वुल्फ स्नेक इंसानों पर हमला नहीं करता। यह इंसानों को तभी काटता है जब इसे खतरा महसूस होता है या फिर इसे बच निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलता।
