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  • 01:41Samarth by Hyundai: रोजगार में समानता की सशक्त पहल

    Samarth by Hyundai: रोजगार में समानता की सशक्त पहल

    Samarth by Hyundai पहल के तहत हम Saarathee CRM Pvt. Ltd. के काम को सामने ला रहे हैं, जो दिव्यांगजनों के लिए रोजगार, टेक्नोलॉजी और अवेयरनेस के जरिए इन्क्लूजन को बढ़ावा दे रहा है। इस ऑर्गेनाइजेशन में 90 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी दिव्यांगजन हैं, जिन्हें inclusive BPO operations, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और जॉब प्लेसमेंट के जरिए आगे बढ़ने का मौका मिलता है। इसके साथ ही Saarathee दूसरी कंपनियों को भी इन्क्लूसिव हायरिंग अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस तरह यह सिर्फ रोजगार के मौके नहीं दे रहा, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए एक ज्यादा बराबरी वाला और एक्सेसिबल भविष्य बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।This is a sponsored feature.

  • 01:45

    Samarth by Hyundai: AI तकनीक से Autism की शुरुआती पहचान

    Aignosis एक AI आधारित हेल्थ टेक प्लेटफॉर्म है, जो बच्चों में autism के शुरुआती संकेतों की पहचान करने में मदद करता है। यह डिजिटल टूल्स के जरिए बच्चों के व्यवहार और विकास से जुड़े संकेतों का विश्लेषण करता है। यह तकनीक parents, caregivers और doctors को बच्चों के विकास को बेहतर तरीके से समझने में सहायता देती है। इससे ऑटिज्म के संकेत समय रहते सामने आ सकते हैं, जिससे बच्चों को सही समय पर इंटरवेंशन और जरूरी सपोर्ट मिल पाता है।This is a sponsored feature.

  • 01:54

    Samarth by Hyundai: हर कदम को मिल रही नई ताकत

    Jaipur Foot एक किफायती और मजबूत prosthetic limb है, जिसे खास तौर पर lower limb disability वाले लोगों को दोबारा चलने-फिरने और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी स्वतंत्रता से जीने में मदद देने के लिए बनाया गया है। इसे भारत में 1968 में विकसित किया गया था और आज इसे गैर लाभकारी संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (BMVSS) के जरिए जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है। इस कृत्रिम पैर को खास तरह की flexible rubber design और custom socket के साथ तैयार किया जाता है। इसकी मदद से उपयोगकर्ता आसानी से चल सकते हैं, बैठ सकते हैं, पालथी मारकर बैठ सकते हैं, सीढ़ियां चढ़ सकते हैं और ऊबड़ खाबड़ या कीचड़ वाली जमीन पर भी काम कर सकते हैं। BMVSS अपने सेंटर और कैंप्स के माध्यम से ये artificial limbs और दूसरे assistive devices जरूरतमंद लोगों को पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराता है। इस पहल ने भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में लाखों दिव्यांगजनों को फिर से चलने का भरोसा और सम्मान के साथ जीने का मौका दिया है।This is a sponsored feature.

  • 01:59

    Samarth by Hyundai: कला और समावेशन की मिसाल

    दिल्ली के National Museum में कला सिर्फ इतिहास को सहेजने की जगह नहीं है, बल्कि उसे इस तरह पेश किया गया है कि हर व्यक्ति, खासकर दिव्यांगजन भी उसे अनुभव कर सकें। यहां व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि कोई भी व्यक्ति बिना रुकावट और बिना सहारे के संग्रहालय घूम सके। आर्टिस्ट Niyaz Hussain जब म्यूजियम में चलते हैं, तो वे दिखाते हैं कि सोच-समझकर किया गया डिजाइन कैसे फर्क पैदा करता है। व्हीलचेयर के लिए आसान एंट्री, लिफ्ट, चौड़े रास्ते और सही जगहों पर बैठने की सुविधा- हर बात इस सोच को मजबूत करती है कि एक्सेसिबिलिटी यहां प्राथमिकता है, अतिरिक्त सुविधा नहीं। यहां की अनुभव गैलरी खास है। इसमें 5,000 साल पुरानी भारतीय कला से जुड़े 22 टैक्टाइल रेप्लिका रखे गए हैं, जिन्हें छूकर महसूस किया जा सकता है। इससे कला केवल देखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसे महसूस करने और समझने का अवसर भी मिलता है। Samarth by Hyundai ऐसी कहानियों के जरिए यह दिखाता है कि जब समावेशन नींव बन जाता है, तभी एक्सेसिबिलिटी रोजमर्रा की हकीकत बनती है।This is a sponsored feature.

  • 03:35

    Samarth by Hyundai: बैरियर फ्री भारत की ओर बढ़ता सफर

    1 मार्च को इंटरनेशनल व्हीलचेयर डे मनाया जाता है। यह दिन उन लोगों के हौसले और जज्बे को सलाम करने का दिन है, जो व्हीलचेयर के सहारे अपनी राह खुद बनाते हैं। यह स्टोरी Sayomdeb Mukherji के कोलकाता से बांकुरा तक के सफर को दिखाती है। एक व्हीलचेयर यूजर होने के बावजूद वे रुकने वाले नहीं हैं। उनका अनुभव बताता है कि जब शहर और सार्वजनिक जगहें पूरी तरह एक्सेसिबल नहीं होतीं, तो एक साधारण यात्रा भी कितनी चुनौतीपूर्ण बन सकती है। फिर भी वे हर बाधा को पार करते हुए आगे बढ़ते रहते हैं। वीडियो में पश्चिम बंगाल की संस्था बिकाश सोसाइटी के काम को भी दिखाया गया है, जो दिव्यांगजनों को शुरुआती सहयोग और जरूरी सपोर्ट देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही है। ऐसी कहानियों के जरिए Samarth by Hyundai एक बैरियर फ्री भारत के अपने विजन को आगे बढ़ा रहा है, जहां दिव्यांगजन बिना रुकावट अपनी जिंदगी जी सकें।This is a sponsored feature.

  • 01:10

    Samarth by Hyundai: व्हीलचेयर की सही समझ, असली समावेशन की शुरुआत

    इस International Wheelchair Day पर Samarth by Hyundai की पहल एक जरूरी बात सामने लाती है। अक्सर लोग मान लेते हैं कि व्हीलचेयर सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए होती है जिनकी दिव्यांगता साफ दिखाई देती है। लेकिन सच यह है कि कई लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं बाहर से नजर नहीं आतीं, फिर भी उन्हें चलने, आराम और आत्मनिर्भरता के लिए व्हीलचेयर की जरूरत होती है। व्हीलचेयर किसी के लिए सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि वह व्यक्ति के शरीर और उसकी पर्सनल स्पेस का हिस्सा होती है। बिना पूछे उसे छूना या धक्का देना मदद नहीं, बल्कि उसके सम्मान में दखल देना है। सच्चा समावेशन जागरूकता और सम्मान से शुरू होता है यानी बिना अनुमान लगाए, समझ के साथ सही तरीके से सहयोग करना।This is a sponsored feature.

  • 01:10

    Samarth by Hyundai: सबके लिए आसान पहुंच, सम्मान और गतिशीलता

    इस International Wheelchair Day पर Samarth by Hyundai की पहल एक अहम सच्चाई को सामने लाती है। लाखों दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर सिर्फ चलने का साधन नहीं, बल्कि आजादी, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का जरिया है। दुनिया भर में 100 मिलियन से ज्यादा लोगों को व्हीलचेयर की जरूरत है, लेकिन उनमें से केवल 5 से 15 प्रतिशत लोगों को ही इसकी सुविधा मिल पाती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि असली समावेशन सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे ठोस कदमों में बदलना जरूरी है। जब इमारतें, सड़कें और सार्वजनिक जगहें यूनिवर्सल डिजाइन के सिद्धांतों पर आधारित होकर सभी के लिए एक्सेसिबल बनेंगी, तभी सीमित गतिशीलता वाले लोग भी दुनिया में आत्मविश्वास और बराबरी के साथ आगे बढ़ पाएंगे।This is a sponsored feature.

  • 01:50

    Samarth by Hyundai: समावेशी शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम

    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राजीव भट्ट के नेतृत्व में Adhyayan Inclusive Learning Centre उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई राह बना रहा है, जिन्हें सीखने में अलग तरह की जरूरत होती है। यहां हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार सिखाया जाता है, ताकि कोई भी पीछे न रह जाए। यह सेंटर एक सुरक्षित और बिना रुकावट वाले माहौल में तैयार किया गया है, जहां बच्चे बिना डर या झिझक के सीख सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। बच्चों की जरूरत के अनुसार सिखाने के तरीके, प्रशिक्षित शिक्षक और व्यक्तिगत सहयोग के जरिए उन्हें पढ़ाई के साथ साथ सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाया जाता है। Evidence based curriculum और नए assessment tools की मदद से बच्चों की प्रगति को समझा और बेहतर किया जाता है। पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करते हुए Adhyayan यह दिखा रहा है कि जब शिक्षा सच में inclusive होती है, तो हर दिव्यांगजन बच्चा अपनी पूरी क्षमता के साथ सीख सकता है, आगे बढ़ सकता है और आत्मनिर्भर जीवन जी सकता है।This is a sponsored feature.

  • 01:45

    Samarth by Hyundai: सभी क्षमताओं के लिए समावेशी फिटनेस

    Better World Shelter एक ऐसा accessible जिम है, जो खासतौर पर दिव्यांगजन महिलाओं को inclusive fitness के जरिए सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। यहां adaptive मशीनें, barrier free infrastructure और प्रशिक्षित सपोर्ट स्टाफ मौजूद है, जिससे हर महिला अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार सुरक्षित तरीके से वर्कआउट कर सके। यह जिम महिलाओं को फिटनेस के साथ-साथ ताकत, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान देता है।This is a sponsored feature.

  • 08:57

    Samarth by Hyundai: कला के जरिए समावेशन, बदलाव और सशक्तिकरण

    जाने-माने कोरियोग्राफर और Victory Arts Foundation के फाउंडर Shiamak Davar मानते हैं कि डांस सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि समावेशन, आत्मविश्वास और बदलाव की ताकत है। पिछले दो दशकों से वह दिव्यांगजनों के साथ करीब से काम कर रहे हैं और नृत्य को अभिव्यक्ति, रिहैबिलिटेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बना रहे हैं। उनका मानना है कि जब रचनात्मक और समावेशी माहौल मिलता है, तो कला हर सीमा को पार कर जाती है। डांस के जरिए न सिर्फ शारीरिक और भावनात्मक मजबूती लौटती है, बल्कि हर व्यक्ति की क्षमता को पहचानने और उसे सम्मान देने का मौका भी मिलता है। उनके प्रयास दिखाते हैं कि कला सच में जीवन बदल सकती है।This is a sponsored feature.

  • 01:49

    Samarth by Hyundai: खेल के जरिए समावेशन और अवसर

    Special Olympics Bharat National Futsal Championship में खेल सिर्फ मुकाबले तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह बच्चों और पैरा एथलीट्स के लिए समावेशन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का जरिया बनता है। बौद्धिक दिव्यांगता वाले एथलीट्स यहां ट्रेनिंग और प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ने के नए मौके पा रहे हैं। यह आयोजन मैदान से बाहर भी उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यही सोच Samarth by Hyundai के मिशन से जुड़ी है जहां लक्ष्य सिर्फ मेडल जीतना नहीं बल्कि पैरा एथलीट्स को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने में सहयोग देना है।This is a sponsored feature.

  • 02:00

    Samarth by Hyundai: कला और कौशल से आत्मनिर्भर बनते दृष्टिबाधित छात्र

    Inside Me एक ऐसी पहल है जो दृष्टिबाधित छात्रों के लिए आर्ट एजुकेशन को नया और असरदार रूप देती है। इसमें ड्रॉइंग आधारित तरीकों के जरिए बच्चों को अलग अलग कॉन्सेप्ट समझाए जाते हैं, ताकि वे केवल सुनने या छूने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने मन में चीजों की साफ तस्वीर बना सकें। इससे उनकी समझ और सीखने की क्षमता दोनों मजबूत होती हैं। यह पहल सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। इसके साथ छात्रों को रिफ्लेक्सोलॉजी जैसी प्रैक्टिकल स्किल्स की ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। यह उन्हें रोजगार के लिए तैयार करती है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है।This is a sponsored feature.

  • 03:00

    Samarth by Hyundai: प्रकृति और समावेशन का खूबसूरत मेल

    सिलीगुड़ी में हिमालयन नेचर एंड एडवेंचर फाउंडेशन (HNAF) द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आयोजित किया गया यह Nature Study cum Adventure Camp एक खास आउटडोर लर्निंग प्रोग्राम था। इस कैंप का मकसद नेचर और एडवेंचर को सभी के लिए आसान, सुरक्षित और समावेशी बनाना था। कैंप में प्रतिभागियों को हिमालय की तराई से जोड़ने के लिए आसान और सुरक्षित एक्टिविटीज कराई गईं। गाइडेड नेचर वॉक, सेंसरी एक्सपीरियंस, हल्की एडवेंचर एक्टिविटीज और पर्यावरण से जुड़ी जानकारी के जरिए उन्हें नेचर को करीब से समझने का मौका मिला। साथ ही ऐसे सेशंस भी रखे गए, जो आत्मविश्वास बढ़ाने और खुद को और आत्मनिर्भर महसूस करने में मदद करें। ट्रेंड वॉलंटियर्स, पर्सनल सपोर्ट और एक्सेसिबल अरेंजमेंट्स की वजह से पूरा कैंप एक सुरक्षित और सपोर्टिव स्पेस बन पाया, जहां दिव्यांगजन बिना किसी रुकावट के आउटडोर एक्सपीरियंस ले सके और एडवेंचर का आनंद महसूस कर सके।This is a sponsored feature.

  • 02:53

    Samarth by Hyundai: स्कूलों के जरिए समावेशन की पहल

    Samarth by Hyundai का School Connect प्रोग्राम देशभर के छात्रों से सीधे जुड़ रहा है। इस पहल के तहत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई और गुरुग्राम के 120 स्कूलों में इंटरैक्टिव वर्कशॉप्स आयोजित की जा रही हैं। बातचीत और कहानियों के जरिए होने वाली इन वर्कशॉप्स का मकसद छात्रों में समझ, संवेदनशीलता और सहानुभूति विकसित करना है। इन सत्रों में बच्चों को डिसेबिलिटी, समावेशन, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और एक्सेसिबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में आसान और व्यावहारिक तरीके से बताया जाता है। खास बात यह है कि इसमें दिव्यांगजन खुद अपने अनुभव साझा करते हैं, जिससे छात्र इन मुद्दों को किताबों से नहीं, बल्कि असल जिंदगी से जोड़कर समझ पाते हैं। गुरुग्राम के Lotus Valley School में आयोजित एक वर्कशॉप में पैरा एथलीट Prachi Yadav ने छात्रों से बातचीत की। उन्होंने अपने सफर और अनुभव साझा कर बच्चों को प्रेरित किया। इस पहल के जरिए छात्रों को एक बैरियर-फ्री दुनिया को लेकर अपने विचार रखने का मौका भी मिलता है। Samarth by Hyundai का यह प्रयास छात्रों को सिर्फ जागरूक ही नहीं बनाता, बल्कि उन्हें दिव्यांगजनों के लिए एक ज्यादा समावेशी भविष्य गढ़ने में सक्रिय भागीदार बनने के लिए भी प्रेरित करता है।This is a sponsored feature.

  • 03:08

    Samarth by Hyundai: समावेशी स्किलिंग से सशक्त होता भविष्य

    Blind Bakes Café ताज महल होटल और नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड की एक ऐसी साझेदारी है जो दर्शाती है कि स्किलिंग की मदद से कैसे दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को सम्मान,आत्मनिर्भरता और समाज में बराबरी की पहचान मिल सकती है। कुकिंग और हॉस्पिटैलिटी की ट्रेनिंग के साथ ब्रेल मेन्यू जैसी पहल यह सुनिश्चित करती हैं कि कैफे का अनुभव सभी के लिए एक्सेसिबल हो। Blind Bakes Café यह दिखाता है कि कैसे सही सोच और सही मौके मिलकर असली समावेशन और रोजगार को संभव बना सकते हैं।This is a sponsored feature.

  • 03:07

    Samarth by Hyundai: संवेदनशील और जागरूक भविष्य की नींव

    Samarth Talks, Samarth by Hyundai की एक यूथ-फोकस्ड पहल है, जिसका मकसद युवाओं में दिव्यांगजनों को लेकर समझ और संवेदनशीलता बढ़ाना है। इस पहल के तहत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु के कॉलेजों में इंटरैक्टिव सेशन्स आयोजित किए जाते हैं। इन सत्रों में Hyundai Motor India Limited द्वारा समर्थित पैरा एथलीट्स छात्रों से सीधे संवाद करते हैं और अपने जीवन के अनुभव, चुनौतियां और सफर साझा करते हैं। इसके जरिए छात्रों को एक्सेसिबिलिटी, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और समावेशी इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत को आसान और व्यावहारिक भाषा में समझाया जाता है। Samarth Talks युवाओं को सोचने, सवाल करने और एक ऐसी दुनिया की कल्पना करने के लिए प्रेरित करता है, जहां दिव्यांगजनों के लिए कोई बाधा न हो और हर कोई बराबरी के साथ आगे बढ़ सके।This is a sponsored feature.

  • 03:00

    Samarth by Hyundai: ऑटिज्म केयर की दिशा में एक प्रभावशाली कदम

    ऑटिज्म केयर, एजुकेशन और आजादी को एक साथ परिभाषित करते हुए India Autism Centre न्यूरोडाइवर्स लोगों के लिए सपोर्ट का एक लाइफलॉन्ग इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। थेरेपी और रेजिडेंशियल केयर से लेकर वोकेशनल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट तक, यह सेंटर ऑटिज्म से प्रभावित लोगों को सम्मान और अपनी पसंद के साथ आगे बढ़ने में मदद कर रहा है। इसके ट्रेनिंग विंग Manan के जरिए केयर प्रोफेशनल्स को बेहतर समझ और संवेदनशील देखभाल की ट्रेनिंग दी जाती है और वोकेशनल और डे-केयर प्रोग्राम्स युवाओं को रोजमर्रा की जिंदगी और काम के लिए जरूरी स्किल्स सिखाते हैं, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।This is a sponsored feature.

  • 02:52

    Samarth by Hyundai: स्मार्ट नेविगेशन से समावेश की ओर कदम

    इन्क्लूसिव एक्सेस की दिशा में एक अहम कदम के रूप में, Spacefelt एक smartphone-based accessibility app है, जिसे Grail Makers Private Limited ने विकसित किया है। इसका मकसद दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित लोगों के लिए पब्लिक स्पेसेज में रास्ता ढूंढना और जगहों को समझना आसान बनाना है। QR codes की मदद से यह ऐप ऑडियो डिस्क्रिप्शन, जगह से जुड़ी जानकारी और साइन-लैंग्वेज सपोर्ट देता है, जिससे अनजान जगहें भी ज्यादा सेफ और accessible बन जाती हैं। Spacefelt लोगों को खुद से चलने, समझने और कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ने में मदद करता है।This is a sponsored feature.

  • 03:11

    Samarth by Hyundai: समावेशी उद्यमिता को सशक्त बनाने का मंच

    कई दिव्यांगजनों के लिए access और अवसरों तक पहुंच आज भी एक चुनौती बनी हुई है। इसी कमी को दूर करने के लिए 'दिव्य कला मेला' एक मजबूत मंच के रूप में सामने आया है। यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NDFDC) के जरिए शुरू की गई भारत सरकार की पहल है। यह मेला एक ऐसा मंच तैयार करता है, जहां entrepreneurship को सच में inclusive बनाया जाता है। इसके जरिए दिव्यांगजन उद्यमी, कलाकार और परफॉर्मर्स, लोगों से सीधा जुड़ते हैं, अपनी कला और प्रोडक्ट्स को सामने रखते हैं और बाजार तक सीधी पहुंच बनाते हैं। इससे उन्हें पहचान मिलती है, कमाई के नए रास्ते खुलते हैं और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलता है।This is a sponsored feature.

  • 03:08

    Samarth by Hyundai: कॉलेज कैंपस में समावेशन की पहल

    Samarth by Hyundai पहल के तहत देशभर के कॉलेजों में sensitization workshops आयोजित की जा रही हैं, ताकि छात्रों में disability inclusion को लेकर जागरूकता, समझ और empathy बढ़ाई जा सके। इन workshops के साथ Samarth Talks भी किए जा रहे हैं, जहां Samarth by Hyundai से जुड़े para athletes सीधे क्लासरूम में आकर अपने असली जीवन के अनुभव साझा करते हैं। दिल्ली के Hindu College और Ramanujan College में भी छात्रों को ऐसे ही जाने-माने para athletes से बातचीत करने का मौका मिला। इन खिलाड़ियों ने अपनी जर्नी, संघर्ष, मेहनत, हौसले और जिंदगी में आई चुनौतियों को स्टूडेंट्स के साथ खुलकर शेयर किया। उनकी बातों ने न सिर्फ disability और sports को लेकर बनी पुरानी सोच को चुनौती दी, बल्कि यह भी समझाया कि दिव्यांगजनों के लिए बराबर मौके कितने जरूरी हैं। इन बातचीतों ने छात्रों को inclusion को सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और इंसानी सोच के तौर पर देखने के लिए प्रेरित किया। Samarth by Hyundai के सपोर्ट से ये para athletes मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह बदलाव की मिसाल बन रहे हैं। उनका सफर यह दिखाता है कि जब inclusion को सोच समझकर अपनाया जाता है, तो समाज मिलकर आगे बढ़ता है।This is a sponsored feature.

  • 01:40

    Samarth by Hyundai: रैंप के जरिए संवरता भविष्य

    Samarth by Hyundai, Times Network और RampMyCity के साथ मिलकर देशभर में accessibility को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस पहल के तहत भारत के अलग-अलग हिस्सों में 50 रैंप लगाए गए हैं, जिनमें कई स्कूलों में हैं, ताकि एजुकेशन को सच में accessible बनाया जा सके। ये रैंप mobility से जुड़ी चुनौतियों वाले स्टूडेंट्स और टीचर्स को स्कूल के भीतर सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आने-जाने में मदद करते हैं। इससे उन्हें सिर्फ फिजिकल एक्सेस ही नहीं मिलता, बल्कि कॉन्फिडेंस बढ़ता है, पार्टिसिपेशन को बढ़ावा मिलता है और बराबर मौके मिलते हैं। इस पहल का उद्देश्य ऐसे क्लासरूम तैयार करना है, जहां दिव्यांगजन बच्चों को सम्मान के साथ बराबर मौके मिलें, वे सशक्त महसूस करें और एक ज्यादा inclusive भारत में सीख सकें, आगे बढ़ सकें और अपना भविष्य बेहतर बना सकें।This is a sponsored feature.

  • 03:13

    Samarth by Hyundai: Hands-On के साथ रोजमर्रा के काम हुए आसान

    The Able Company असिस्टिव टेक्नोलॉजी के एक बड़े और जरूरी गैप को भरने की दिशा में काम कर रही है। उनकी पहल, Hands-On, एक ऐसा आसान और मल्टी यूज डिवाइस है, जिसे खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनके हाथों की पकड़ कमजोर है, मूवमेंट सीमित है, हाथों में ताकत कम है, हाथ में प्लास्टर है या किसी वजह से हाथों का पूरा इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। Hands-On में अलग-अलग तरह के अटैचमेंट लगाए जा सकते हैं, जिनकी मदद से खाना खाना, लिखना, ग्रूमिंग करना और रोजमर्रा के कई जरूरी काम आसानी से किए जा सकते हैं। यह डिवाइस लोगों को अपने हाथों पर दोबारा कंट्रोल पाने में मदद करता है और उन्हें आत्मनिर्भर होने का एहसास कराता है। यूजर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस इनोवेटिव डिजाइन के जरिए The Able Company दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास के साथ जीने और काम करने के लिए सशक्त बना रही है। The Able Company की यह पहल Samarth India Conclave and Expo में भी प्रदर्शित की गई, जहां इसे काफी सराहना मिली।This is a sponsored feature.

  • 03:26

    Samarth by Hyundai: SAM के साथ Accessibility को नई पहचान

    Samarth Accessibility Metric यानी SAM, भारत का ऐसा पहला accessibility rating system है जो यह बताता है कि कोई public space या इमारत दिव्यांगजनों के लिए कितना accessible है। इसे Samarth by Hyundai पहल के तहत विकसित किया गया है, जिसमें Times Network और Samarthyam - Centre for Universal एक्सेसिबिलिटी, पार्टनर हैं। सैम की संरचना Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 पर आधारित है, जो transport, education, workplace और public infrastructure में सभी को बराबर पहुंच का अधिकार देता है। SAM का उद्देश्य एक स्पष्ट, practical और measurable framework की नींव रखना है जिससे accessibility को समझना, उसका मूल्यांकन करना और उसे बेहतर बनाना संभव हो पाए । SAM के सही इम्प्लीमेंटेशन से पूरे देश में accessibility से जुड़े standards को नए सिरे से परिभाषित किया जा सकेगा ताकि दिव्यांगजनों के लिए भारत को और ज्यादा inclusive और barrier-free बनाया जा सके।This is a sponsored feature.

  • 03:06

    Samarth by Hyundai: एक्सेस से बदलती STEM एजुकेशन

    कई दृष्टिबाधित छात्रों के लिए STEM एजुकेशन तक पहुंच आज भी सीमित है। वजह उनकी काबिलियत नहीं, बल्कि ऐसे लर्निंग टूल्स की कमी है जो उनके लिए accessible हों। इस स्टोरी में uDot के को-फाउंडर्स Kaviraj Prithvi और Lalita Laya K बताते हैं कि वे असिस्टिव टेक्नोलॉजी के जरिए STEM शिक्षा को कैसे नया रूप दे रहे हैं। uDot की टैक्टाइल, रिफ्रेशेबल-डॉट टेक्नोलॉजी डायग्राम, ग्राफ और मैथ के कॉन्सेप्ट्स को hands-on learning experience में बदलती है, जिससे दृष्टिबाधित स्टूडेंट्स साइंस और मैथ को बेहतर तरीके से सीख पा रहे हैं।This is a sponsored feature.

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