आगरा : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार की दोपहर अचानक फतेहपुर सीकरी पहुंचकर सभी को चौंका दिया। उनका कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था, जिसके चलते दरगाह क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। इस दौरान अखिलेश ने सूफी कलाम की मधुर धुनों के बीच हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर चादरपोशी की और माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया। उसने साथ उनकी पत्नी और कन्नौज सांसद डिंपल यादव और राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी उनके साथ मौजूद थीं। दोनों ने मजार पर हाजिरी दी और दुआ मांगी।
जानकारी के मुताबिक, तीनों ने अलग-अलग रंगों की चादरें चढ़ाकर मजार पर अकीदत पेश की। एक हरी, दूसरी नीली और तीसरी हरी-नीली मिश्रित चादर चढ़ाने के बाद फूल चढ़ाए गए। दरगाह के भीतर मन्नत का धागा बांधा गया, जहां अखिलेश ने शांति और खुशहाली की दुआ की। चादरपोशी के बाद अखिलेश और डिंपल ने दरगाह की ऐतिहासिक नक्काशी को नजदीक से देखा। लकड़ी और पत्थर की कारीगरी उनका ध्यान खींचती रही।
डिंपल यादव ने नक्काशी को समझा
डिंपल यादव ने नक्काशी को समझने के लिए खादिम अनवर कुरैशी से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने इसकी गहराई और बारीकी की सराहना की। डिंपल ने कहा कि आज के समय में इतनी महीन और अनोखी कारीगरी दोबारा होना लगभग असंभव है। उनकी प्रतिक्रिया वहां मौजूद लोगों ने भी सराही।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव इससे पहले सितंबर 2012 में मुख्यमंत्री रहते हुए इसी दरगाह पर चादर चढ़ाने पहुंचे थे। यह उनका 13 साल बाद का दूसरा दौरा है। स्थानीय नेताओं ने भी उनके स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ी। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने टीम के साथ उन्हें रिसीव किया। दौरा पूरा होने के बाद अखिलेश और डिंपल सड़क मार्ग से सैफई के लिए रवाना हुए, जबकि जया बच्चन खेरिया एयरपोर्ट से मुंबई लौट गईं। इस तरह अचानक हुआ यह दौरा चर्चा का विषय बन गया।
