नोएडा : थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चीन में बैठे साइबर ठगों से जुड़ा हुआ था और उनको खाता उपलब्ध करवाता था। जांच में देशभर में अब तक लगभग 35 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की जानकारी मिली है।
नोएडा में चाइनीच ठग गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार
दरअसल बीते 5 दिसंबर को नोएडा के रहने वाले एक शख्स ने 12 करोड़ की ठगी की FIR दर्ज करवाया था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने घटना में उपयोग किए गए संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करा दिया। और आज पुलिस ने 4 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे बनाते थे शिकार
गिरफ्तार आरोपी अर्जुन सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह दूसरे आरोपी पंकज गुप्ता के माध्यम से रूपेन्द्र और तेजपाल के संपर्क में आया था। ये दोनों आरोपी स्थानीय लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके दस्तावेजों पर जीएसटी और उद्यम प्रमाण पत्र बनवाते थे और उनके नाम से फर्म और करंट बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद रूपेन्द्र खाताधारकों को मुंबई ले जाकर अन्य साथियों की मदद से उन्हीं खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करवाता था। ठगी की रकम आने के बाद तेजपाल उसमें से सात से दस प्रतिशत तक हिस्सा नकद अपने पास रख लेता था और तीन से पांच प्रतिशत कमीशन खाताधारकों और बिचौलियों को दे देता था।
साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये गिरोह अब तक करीब 50 से 60 बैंक खाते सिर्फ ठगी के लिए खुलवा चुके है और पिछले एक साल से साइबर क्राइम में सक्रिय है। जांच में ये भी पता चला है इनके खिलाफ देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।
इन राज्यों तक फैला है नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में से रूपेन्द्र पाल और तेजपाल के नाम थाना साइबर क्राइम नोएडा के एक अन्य मामले में भी सामने आ चुके हैं, जिसमें एक पीड़ित से निवेश के बहाने 2.90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। एनसीआरपी पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में कुल 43 शिकायतें दर्ज हैं। इनके खिलाफ तेलंगाना, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और दिल्ली एनसीआर में शिकायत दर्ज है। जांच में पता चला है कि अबतक इनके द्वारा चीन में बैठे ठगों के साथ मिलकर 35 करोड़ से अधिक की ठगी की अंजाम दे चुके है।
वही डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क चीन में बैठे साइबर अपराधियों से जुड़ा था, जो भारत में निवेश ठगी के बड़े गिरोह चलाते हैं। गिरफ्तार आरोपी चीन में बैठे ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी में किया गया। हाल ही में जिस व्यक्ति के साथ 12 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी, उस मामले में भी इन्हीं लोगों के द्वारा उपलब्ध कराए गए खातो में पैसे ट्रांसफर करवाया गया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश कर रही है।
