Train Late Refund: हाल की भारी बारिश के कारण उत्तर भारत इस समय बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। ऐसे में ट्रेनों का लेट या कैंसल होना आम बात है। यदि खराब मौसम या बाढ़ जैसे हालत के बीच आपका भी रेल से सफर करने का प्लान है तो ध्यान रहे कि ट्रेन के लेट या फिर कैंसेलेशन का सामना आपको भी करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में रेलवे टिकट रिफंड कैसे प्राप्त करें, इसकी जानकारी हम आगे देंगे।
ट्रेन लेट होने पर मिलेगा पूरा रिफंड
रिफंड के लिए अपनी एलिजिबिलिटी चेक करें
रेलवे नियमों के अनुसार, यदि आपकी ट्रेन तीन घंटे या उससे अधिक लेट है तो आप अपने टिकट की पूरी कीमत वापस पाने के हकदार हैं। ऐसे में आप टिकट कैंसिल कर सकते हैं।
टिकट कैंसल करें
काउंटर टिकटों के लिए, टिकट कैंसल करने के लिए रिजर्वेशन काउंटर पर जाना होता है। यदि आपने अपना टिकट आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम) के जरिए ऑनलाइन खरीदा है, तो वेबसाइट पर दिए गए कैंसेलेशन स्टेप्स को फॉलो करें। इसकी पूरी जानकारी आपको इस लिंक पर पर मिल जाएगी।
ऑनलाइन टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसीट) फाइल करें
यदि चार्ट तैयार होने के बाद आपकी ट्रेन लगातार लेट होती है, तो अपना टिकट कैंसल करने के लिए टीडीआर दाखिल करना होगा। इसके लिए आईआरसीटीसी साइट पर लॉग इन करें और यह सुनिश्चित करते हुए कि चार्ट को अंतिम रूप नहीं दिया गया है अपना टिकट कैंसल करने के लिए जरूरी स्टेप्स को फॉलो करें।
इस तरह मिलेगा ऑटोमैटिकली रिफंड
यदि भारतीय रेलवे द्वारा कोई ट्रेन रद्द कर दी जाती है, तो यात्रियों को ऑटोमैटिकली पूरा रिफंड मिलेगा। ऑनलाइन खरीदे गए ई-टिकटों के लिए, रिफंड राशि 3 से 7 दिनों के भीतर बुकिंग के लिए उपयोग किए गए बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।
पीआरएस (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम) काउंटर टिकटों के लिए, यात्रियों को संबंधित पीआरएस काउंटर से रिफंड लेना होगा। इस रिफंड के लिए क्लेम करने के लिए यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित डिपार्चर के तीन दिनों के भीतर टिकट सरेंडर करना होगा।
कब खुद न करें टिकट कैंसल
आईआरसीटीसी ने ऐलान किया था कि यात्रियों को कैंसल की गई ट्रेनों के लिए खुद टिकट कैंसल नहीं करना चाहिए, क्योंकि उन्हें ऑटोमैटिकली फुल रिफंड प्राप्त होगा। जब कोई ट्रेन रद्द हो जाती है, तो रेलवे कोई शुल्क नहीं लेता है।
