PM Internship Scheme: प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PMIS) में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने की तैयारी है, जिन्हें जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, स्कीम के तहत दो पायलट प्रोजेक्ट पहले ही लागू किए जा चुके हैं और अब बड़ी संख्या में कंपनियां इस योजना में दिलचस्पी दिखा रही हैं।
पीएम इंटर्नशिप स्कीम में बदलाव की तैयारी
उद्योग संगठनों और नई कंपनियों की भागीदारी
सूत्रों का कहना है कि उद्योग संगठनों जैसे CII (भारतीय उद्योग परिसंघ), FICCI (फिक्की) के साथ-साथ टॉप 500 कंपनियों से नीचे की रैंक वाली कंपनियां भी अब इस योजना में भाग लेने के लिए सामने आ रही हैं। इससे युवाओं के लिए अवसरों की संभावनाएं और बढ़ रही हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के अनुभव के आधार पर बदलाव
सरकार अब इन पायलट प्रोजेक्ट्स से प्राप्त अनुभव के आधार पर योजना में कुछ "ट्वीक्स" या बदलाव करने जा रही है। इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है, और आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया भी चल रही है।
2024-25 के बजट में हुई थी घोषणा
यह योजना जुलाई 2024 में पेश किए गए केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी। इसका उद्देश्य पांच वर्षों में देश के एक करोड़ युवाओं को टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप का अवसर देना है।
CSR व्यय के आधार पर चयनित कंपनियां
इस योजना का कार्यान्वयन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। टॉप 500 कंपनियों का चयन पिछले तीन वर्षों के औसत कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) व्यय के आधार पर किया गया है।
इस स्कीम का उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री अनुभव देना, उनकी स्किल्स को बढ़ाना और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना है। (एजेंसी इनपुट के साथ)
