EPFO interest rules after retirement: भारत में नौकरी करने वाले लोगों का पीएफ खाता Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) के तहत खुलता है। यह एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर योगदान करते हैं। लेकिन कई बार लोग यह नहीं समझ पाते और कंफ्यूज रहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद उनके EPF खाते पर ब्याज कब तक मिलता है और कब वह Inoperative यानी निष्क्रिय हो जाता है।
Inoperative EPF Account क्या होता है (Photo: iStock)
Inoperative EPF Account क्या है?
सबसे पहले तो यही समझें कि Inoperative EPF Account होता क्या है? दरअसल, Inoperative EPF Account वह खाता होता है, जिसमें लंबे समय तक कोई लेन-देन (जैसे योगदान या निकासी) नहीं होता। खासकर रिटायरमेंट के बाद यह स्थिति आती है। जब खाता निष्क्रिय हो जाता है, तो उस पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है, जिससे आपकी बचत की ग्रोथ रुक जाती है।
कब तक मिलता है ब्याज?
अगर कोई व्यक्ति 50 साल की उम्र में ही रिटायर हो जाता है, तो उसके EPF खाते पर एक खास नियम लागू होता है। ऐसे मामलों में अगर रिटायरमेंट 55 साल की उम्र से पहले होता है तो भी खाते पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहता है। लेकिन जैसे ही व्यक्ति 58 वर्ष का हो जाता है, उसका EPF खाता Inoperative (निष्क्रिय) हो सकता है और इसके बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। यह महत्वपूर्ण जानकारी कई लोगों को नहीं होती, जिसके कारण वे अपने EPF खाते में जमा राशि को लंबे समय तक बिना इस्तेमाल के छोड़ देते हैं और संभावित लाभ से वंचित रह जाते हैं।
ईपीएफ फंड को मैनेज करना क्यों जरूरी
अगर आपका EPF खाता Inoperative हो जाता है तो इसके कई नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। सबसे पहले, आपकी जमा राशि पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है, जिससे आपकी बचत की वृद्धि रुक जाती है। इसके अलावा, महंगाई के कारण समय के साथ आपके पैसों की वास्तविक वैल्यू भी घट सकती है, यानी वही पैसा भविष्य में कम काम का रह जाता है। इसका असर आपकी पूरी वित्तीय योजना पर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप समय रहते अपने EPF फंड को सही तरीके से मैनेज करें और उसे निष्क्रिय होने से बचाएं।
EPF अकाउंट को न करें नजरअंदाज
रिटायरमेंट के बाद अपने EPF अकाउंट को नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि यह आपकी मेहनत की कमाई होती है। इसलिए जरूरी है कि आप समय पर अपने फंड को निकालें या जरूरत के अनुसार ट्रांसफर करें, ताकि उस पर मिलने वाले लाभ से वंचित न रहें। साथ ही, अपने खाते की स्थिति नियमित रूप से चेक करते रहें ताकि किसी भी तरह की समस्या या निष्क्रियता का समय रहते पता चल सके। अगर किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की जरूरत हो, तो EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी ऑफिस से संपर्क करना एक अच्छा विकल्प होता है।
