Unified Pension Scheme Rules Updated: बेहतर और सुविधाजनक पेंशन के विकल्प के तौर पर भारत सरकार द्वारा 2023 में यूनिवर्सल पेंशन योजना (UPS) की शुरुआत की गई थी। हाल ही में पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने UPS को लागू करने के लिए नए नियम जारी किये हैं। PFRDA द्वारा बदले गए नियमों को 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया जाएगा। UPS को केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों पर लागू करने के लिए ही नियमों में बदलाव किया गया है। आइये जानते हैं कि UPS से संबंधित नियमों में क्या नए बदलाव देखने को मिले हैं?
1 अप्रैल से बदल जायेंगे UPS के नियम
ये कर्मचारी कर सकते हैं नामांकन
नामांकन से संबंधित नए नियम केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होंगे और तीन विभिन्न श्रेणियों के तहत केंद्रीय सरकार के कर्मचारी UPS के लिए नामांकन कर सकते हैं। इन तीन श्रेणियों के बारे में नीचे बताया जा रहा है।
मौजूदा कर्मचारी: केंद्रीय सरकार के ऐसे कर्मचारी जो 1 अप्रैल 2025 तक नई पेंशन व्यवस्था () में शामिल हैं, वो यूनिवर्सल पेंशन सिस्टम के लिए नामांकन करवा सकते हैं।
नए कर्मचारी: ऐसे सभी कर्मचारी जो 1 अप्रैल 2025 या इसके बाद केंद्रीय सरकार में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे, वो भी UPS के लिए नामांकन कर सकते हैं।
रिटायर्ड कर्मचारी: ऐसे सभी कर्मचारी जो 31 मार्च 2025 तक NPS में शामिल थे और 31 मार्च 2025 या उससे पहले रिटायरमेंट ले चुके हैं या फिर 56J नियम के तहत रिटायर हुए हैं, UPS के लिए नामांकन कर सकते हैं।
क्या है UPS?
यूनिवर्सल पेंशन सिस्टम यानी UPS एक नई पेंशन व्यवस्था है जो NPS की तरह योगदान आधारित प्रणाली पर काम करती है लेकिन ओल्ड पेंशन सिस्टम (OPS) की तरह एक निश्चित पेंशन भी ऑफर करती है। UPS के तहत कर्मचारियों को उनके कार्यकाल के आखिरी 12 महीनों की एवरेज बेसिक सैलरी का 50% जितना हिस्सा पेंशन के रूप में मिलेगा। इसके साथ ही UPS के तहत कई ऐसे बेनिफिट भी ऑफर किये जायेंगे जो OPS के तहत ऑफर नहीं किये जाते हैं। जैसे, कम से कम 10 साल तक कार्यकाल में रहने वाले कर्मचारियों को हर महीने 10,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन प्रदान की जाएगी।
