UPS: यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के ऐलान के बाद, गारंटीड पेंशन की मांग करने वालों को राहत मिली है। इससे 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को उनके वेतन का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलेगा। यह योजना एक अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगी। किसी भी कर्मचारी को 25 साल की नौकरी के बाद उसके आखिरी 12 महीनों की बेसिक सैलरी के औसत का 50 फीसदी पेंशन के रूप में दिया जाएगा। मिनिमम पेंशन UPS के तहत 50 फीसदी पेंशन राशि तब ही मिलेगी, जब नौकरी की मिनिमम अवधि 25 साल होगी। न्यूनतम 10 साल की नौकरी से रिटायर हुए तो 10 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम
50 हजार की बेसिक सैलरी पर पेंशन
अगर किसी कर्मचारी के आखिरी 12 महीने का बेसिक वेतन का औसत 50 रुपये है, तो उसे सैलरी का 50 फीसदी यानी 25,000 रुपये पेंशन के रूप में मिलेगा। इसके अलावा इसमें महंगाई राहत (DR) जोड़ा जाएगा। अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 25,000 रुपये का 60 फीसदी या 15,000 रुपये + डीआर मिलेगा। 60 हजार रुपये की बेसिक सैलरी औसत पर न्यूनतम पेंशन उस राशि का 50 फीसदी या 30,000 रुपये होगी और महंगाई राहत इसमें जोड़ी जाएगी। अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 30,000 रुपये का 60 फीसदी यानी 18,000 रुपये + डीआर मिलेगा।
70 हजार रुपये बेसिक सैलरी पर पेंशन
अगर पिछले 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी 70,000 रुपये है, तो न्यूनतम पेंशन उस राशि का 50 फीसदी यानी 35,000 रुपये होगी। इस राशि में महंगाई राहत (DR) को जोड़ना होगा। अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 35,000 रुपये का 60% या 21,000 रुपये + DR मिलेगा। यूनिफाइड पेंशन स्कीम में सरकार बेसिक+DR का 18.5 फीसदी योगदान केरगी, जबकि कर्मचारी का योगदान 10 फीसदी होगा।
