Unified Pension Scheme: 1 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। बजट पेश करने से पहले ही सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) को लागू करने का फैसला किया है। सरकार की तरफ से UPS को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। अगस्त 2024 में UPS को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के बीच संतुलन बनाने के मकसद से पेश किया गया था और यह रिटायरमेंट के बाद सरकारी कर्मचारियों को गारंटीड पेंशन प्रदान करेगा। 1 अप्रैल 2024 से UPS को लागू किया जाएगा। आइये जानते हैं UPS के फायदे और साथ ही इस योजना का आप पर पड़ने वाला प्रभाव भी समझते हैं।
1 अप्रैल से लागू होने जा रहा है UPS
किन कर्मचारियों पर लागू होगा UPS
सरकार द्वारा 25 जनवरी 2025 को UPS से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया गया है। सरकार द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक UPS ऐसे कर्मचारियों पर लागू होगा जो राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत आते हैं लेकिन उन्होंने UPS का ऑप्शन चुना है। जारी की गई सूचना के अनुसार कर्मचारी NPS के तहत UPS के विकल्प को चुन सकते हैं या फिर बिना UPS के NPS का विकल्प चुन सकते हैं। साथ ही सरकार द्वारा जारी की गई सूचना में यह भी बताया गया है कि UPS चुनने वाले लोग पॉलिसी में रियायत, पॉलिसी में बदलाव और वित्तीय बेनिफिट के हकदार नहीं होंगे।
UPS के फायदे
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो UPS का असर केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों पर पड़ेगा। UPS का चुनाव करने वाले कर्मचारियों को उनकी 12 महीने की बेसिक कमाई का 50% हिस्सा, रिटायरमेंट के बाद आजीवन दिया जाएगा, लेकिन कर्मचारी को कम से कम 25 साल तक काम करना होगा और UPS में योगदान करना होगा। UPS द्वारा दी जाने वाली पेंशन में समय समय पर महंगाई भत्ते यानी DR का लाभ भी जोड़ा जाएगा। फिलहाल नई पेंशन योजना का लाभ ले रहे कर्मचारियों की बेसिक कमाई का 10% हिस्सा अंशदान के रूप में पेंशन खाते में जमा किया जाता है वहीं सरकार की तरफ से बेसिक कमाई का 14% जितना हिस्सा कंट्रीब्यूट किया जाता है। जबकी UPS के तहत सरकार द्वारा पेंशन खाते में जमा किया जाने वाला कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़कर कर्मचारी की बेसिक कमाई का 18.5% हो जाएगा।
