SBI Loan Rates: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी चुनिंदा अवधि के लोन को महंगा कर दिया है। बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट (BPS) की बढ़ोतरी की है। इस इजाफे के बाद ज्यादातर लोन महंगे हो गए हैं। SBI की वेबसाइट के अनुसार, 15 जून 2024 से एक साल की अवधि पर MCLR पिछले 8.65 फीसदी से बढ़कर 8.75 फीसदी हो गया है। वेबसाइट के अनुसार, एसबीआई ऑटो लोन एक साल के MCLR से जुड़े हैं और पर्सनल लोन 2 साल के MCLR से जुड़े हैं।
MCLR की नई दरें
MCLR आधारित दरें अब 8.10 फीसदी से 8.95 फीसदी के बीच होंगी। ओवरनाइट MCLR को 8 फीसदी से बढ़ाकर 8.10 फीसदी कर दिया गया है, जबकि एक महीने और तीन महीने की अवधि के लिए 8.20 फीसदी से 8.30 फीसदी कर दिया गया है। अन्य के अलावा, छह महीने की MCLR 8.45 फीसदी से 8.55 फीसदी हो गई है। एक साल की MCLR अब 8.55 फीसदी से 8.65 फीसदी हो गई है। दो साल की अवधि के लिए MCLR क्रमशः 8.85 फीसदी से 8.75 फीसदी है।
MCLR क्या है?
मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) वह मिनिमम लेंडिंग रेट है, जिसके नीचे बैंक को लोन देने की अनुमति नहीं है।
SBI EBLR
एसबीआई एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (EBLR) 9.15%=रेपो रेट (6.50%)+स्प्रेड (2.65%) पर बरकरार है। सभी होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स से जुड़े हुए हैं। एसबीआई होम लोन की ब्याज दरें 8.50 फीसदी से 9.65 फीसदी के बीच होती हैं और यह CIBIL स्कोर के आधार पर अलग-अलग होती हैं।
प्रोसेसिंग शुल्क
लोन की रकम का 0.35 फीसदी प्लस लागू जीएसटी, न्यूनतम 2,000 रुपये प्लस लागू जीएसटी और अधिकतम 10,000 रुपये प्लस लागू जीएसटी प्रोसेसिंग फीस के रूप लगता है।
