यदि आप ट्रेन में सफर के दौरान सिगरेट या ई-सिगरेट पीने का विचार कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है। 'जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026' के तहत रेलवे ने धूम्रपान, अनधिकृत फेरी और भीख मांगने जैसे कार्यों पर जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की है।
चलती ट्रेन में सिगरेट या ई-सिगरेट पीना पड़ेगा महंगा!/Photo-AI
नए नियम और जुर्माने का प्रावधान
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 167 के तहत ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान पहले से ही प्रतिबंधित था, लेकिन अब इसे लेकर सख्ती और बढ़ा दी गई है। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन या रेलवे परिसर में सिगरेट, बीड़ी या ई-सिगरेट पीते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे मौके पर ही 2,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। यह नियम न केवल ट्रेनों के अंदर, बल्कि रेलवे स्टेशनों और अन्य रेलवे परिसरों में भी समान रूप से लागू है।
ट्रेन से उतारे जाने और कानूनी कार्रवाई का जोखिम
जुर्माना भरने के अलावा, उल्लंघन करने वाले यात्री के खिलाफ अन्य कठोर कदम भी उठाए जा सकते हैं। रेलवे कर्मचारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे ऐसे यात्रियों को ट्रेन से नीचे उतार दें। इसके अतिरिक्त, दोषी पाए जाने पर यात्री का टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है।
मामला यहीं खत्म नहीं होता, यदि कोई यात्री जुर्माना देने से इनकार करता है, तो उसे सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है। अदालत में दोषी पाए जाने पर जुर्माने की राशि 5,000 रुपये तक बढ़ सकती है। कानून के नए प्रावधानों के तहत, जब तक अदालत कोई विशेष कारण न दर्ज करे, जुर्माने की राशि 2,000 रुपये से कम नहीं होगी।
क्यों उठाए गए ये कदम?
भारतीय रेलवे ने यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया है। सफर के दौरान धूम्रपान करने से ट्रेन के अंदर आग लगने का खतरा बना रहता है, जो यात्रियों की जान के लिए बड़ा जोखिम है। ई-सिगरेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) पर भी भारत में पूर्ण प्रतिबंध है, इसलिए इनका उपयोग करना भी पूरी तरह से अवैध है। रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें ताकि यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।
