SBI New Schemes: सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने जमा आकर्षित करने के लिए दो नई जमा स्कीम्स ‘हर घर लखपति’ (Har Ghar Lakhpati) और ‘एसबीआई पैट्रॉन्स’ (SBI Patterns) लॉन्च की हैं। एसबीआई ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि ये योजनाएं ग्राहकों को अधिक वित्तीय लचीलापन और उन्नत मूल्य प्रदान करने के लिए तैयार की गई हैं। वित्तीय सुरक्षा की व्यापक आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए एसबीआई ने एक बयान में कहा कि ‘हर घर लखपति’ एक पूर्व-गणना वाली रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम है, जो ग्राहकों को 1,00,000 रुपये या इसके गुणकों में जमा करने में मदद करने के लिए तैयार की गई है।
एसबीआई ने लॉन्च की नई स्कीम्स
SBI ने कहा कि यह प्रोडक्ट वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है, जिससे ग्राहक प्रभावी ढंग से योजना बना सकते हैं और बचत कर सकते हैं। इसके अलावा, बैंक ने 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के सीनियर सिटिजन्स के लिए विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम ‘एसबीआई पैट्रन्स’ भी लॉन्च की। यह प्रोडक्ट कई सीनियर सिटिजन्स के बैंक के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई ब्याज दरें प्रदान करता है।
‘एसबीआई पैट्रन’ मौजूदा और नए फिक्स्ड डिपॉजिट ग्राहकों, दोनों के लिए उपलब्ध है। ‘एसबीआई पैट्रन्स’ जमाकर्ताओं को सीनियर सिटिजन्स को दी जाने वाली ब्याज दर की तुलना में 0.1 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलेगा, जबकि रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम फिक्स्ड डिपॉजिट पर दी जाने वाली दरों के समान होगी।
फिलहाल एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट दर 6.80 प्रतिशत, दो वर्ष से अधिक अवधि के लिए 7 प्रतिशत, 3 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम अवधि के लिए 6.75 प्रतिशत तथा 5-10 वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत है। रेकरिंग डिपॉजिट की न्यूनतम अवधि 12 महीने (एक वर्ष) तथा अधिकतम अवधि 120 महीने (10 वर्ष) है।
एसबीआई की जमाराशि में करीबी 23 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। ये अभिनव पेशकश बैंक के इनोवेशन को प्राथमिकता देने और जमाराशि में अपने बाजार नेतृत्व को मजबूत करने के संकल्प को प्रदर्शित करती हैं।
एसबीआई के चेयरमैन सी एस सेट्टी ने कहा कि हमारा उद्देश्य लक्ष्य-उन्मुख जमा उत्पाद बनाना है जो न केवल वित्तीय रिटर्न को बढ़ाए बल्कि हमारे ग्राहकों की आकांक्षाओं के अनुरूप भी हो। हम पारंपरिक बैंकिंग को और अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए इसे फिर से परिभाषित कर रहे हैं।
इस बीच, बैंक ने प्रवासी भारतीयों (NRI) के लिए NRE (गैर-निवासी बाहरी) और NRO (गैर-निवासी साधारण) खाते खोलने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए टीएबी-आधारित एंड-टू-एंड डिजिटल ऑन-बोर्डिंग प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है।
यह पहल एसबीआई की भारत में शाखाओं और चुनिंदा विदेशी कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई है, जिसमें खाता खोलने की दक्षता और सुविधा बढ़ाने के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया गया है।
