Cyclone Mandous: आखिर क्या है मंडौस का मतलब, जानिए कहां और कैसे मिला है इसे नाम

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  • Updated Dec 9, 2022, 09:42 PM IST

Cyclone Mandous: बंगाल की खाड़ी से शुरू हुआ मैंडूस चक्रवात के खतरनाक रूप को देखते हुए तमिलनाडु में रेड अलर्ट जारी किया गया है। यह तूफान आज रात चेन्‍नई के पास से गुजरेगा और तमिलनाडु के उत्‍तरी तटों पर भारी तबाही मचा सकता है। आइये जानते हैं कि इस तूफान को यह नाम कहां से मिला और चक्रवात तूफानों का नामकरण कैसे होता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • आज मध्‍य रात को चेन्‍नई के तट के पास से गुजरेगा तूफान
  • तूफान के दौरान भारी बारिश के साथ चलेंगी तेज हवाएं
  • इस चक्रवात को मंडौस तूफान नाम संयुक्त अरब अमीरात से मिला


Cyclone Mandous: बंगाल की खाड़ी से शुरू हुआ मैंडूस चक्रवात ने अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है। यह चक्रवात करीब 12 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी की तरफ बढ़ रहा है। यह चक्रवाती तूफान आज रात आधी रात को चेन्नई तट के पास से गुजर सकता है। इस तूफान को लेकर तमिलनाडु के तीन जिलों में भारी बारिश और तेज हवा का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट पर रहने वाले जिलों में चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम और कांचीपुरम शामिल हैं। आईएमडी के अनुसार, चक्रवात मैंडूस की वजह से तमिलनाडु के उत्तरी तटीय इलाको और पुडुचेरी में अत्यधिक भारी वर्षा और तमिलनाडु के उत्तर आंतरिक इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 85 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।

बता दें कि, समुद्री तूफान को चक्रवात कहा जाता है। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र में बहुत ज्यादा बारिश होती है और तेज हवाएं चलती हैं। चक्रवती तूफान के कारण जान-माल का भारी नुकसान होता है। जब कम दबाव गर्म पानी के ऊपर मंडराता है, तो इससे चक्रवात बनता है। कम दबाव वाले क्षेत्र में पैदा होने वाले हवा की गति से अलग-अलग तूफानों का पता चलता है। मैंडूस चक्रवात को संयुक्त अरब अमीरात ने यह नाम दिया। इसका अरबी में अर्थ "खजाना बॉक्स" है। इस साल मानसून के बाद तट से टकराने वाला यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। पहला उष्णकटिबंधीय चक्रवात सितरंग था, जिसने अक्टूबर में बांग्लादेश में दस्तक दी थी।

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