रेलवे में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब परेशानी बढ़ने वाली है। नए नियमों के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करने या अनियमित यात्रा करने पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को बढ़ा दिया गया है। पहले जहां यात्रियों को कम से कम 250 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है। यह बदलाव रेलवे अधिनियम, 1989 की धाराओं 137 और 138 के तहत किया गया है।
रेलवे अधिनियम में हुआ बदलाव, अब लगेगा दोगुना जुर्माना, नए रेट जान लें
बिना टिकट यात्रा करने पर बढ़ेगी जेब पर मार
रेलवे के नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई यात्री बिना उचित पास या टिकट के यात्रा करता है या निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा करता पाया जाता है, तो उसे अब न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि किराया वसूलने से जुड़े अन्य नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। पहले रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। वहीं अधिकतम सजा के प्रावधान में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
गलत तरीके से यात्रा पर भी लागू होगा नया नियम
रेलवे की ओर से बताया गया है कि केवल बिना टिकट यात्रा ही नहीं, बल्कि गलत तरीके से यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी यह नियम लागू होगा। यदि कोई यात्री गलत श्रेणी में यात्रा करता है या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर भी बढ़ा हुआ अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
रेलवे में अनुशासन बनाए रखने के लिए कदम
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और रेलवे व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से जुर्माने की राशि में बदलाव किया गया है। बढ़े हुए जुर्माने से बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती
रेलवे में बिना अनुमति प्रवेश करना, अनधिकृत रूप से सामान बेचना, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करना और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन नहीं करना जैसे मामलों में भी रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
1 जुलाई 2026 से लागू होंगे नए जुर्माने
नए संशोधित न्यूनतम जुर्माने का प्रावधान 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि धारा 137 और 138 के अन्य प्रावधानों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
