Share Market: भारतीय शेयर मार्केट में पिछले कुछ समय से मुख्य रूप से तेजी देखने को मिल रही है। शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट को लेकर लोगों का नजरिया भी बदल रहा है और अब पहले से ज्यादा लोग शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने लगे हैं। सामान्य ट्रेडिंग के साथ-साथ लोग अब कंपनियों के IPO में भी इन्वेस्ट करने लगे हैं। इस साल अभी तक 121 IPO आ चुके हैं और BSE से प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक इनमें से 107 IPOs ने अपने इन्वेस्टर्स को शानदार रिटर्न्स भी दिए। लेकिन क्या आप जानते हैं, आप कंपनी के लिस्ट होने से पहले भी इसके शेयरों में इन्वेस्ट कर सकते हैं? इसे ही प्री-IPO कहा जाता है। आज हम आपको प्री-IPO के बारे में बताने जा रहे हैं।
क्या होता है प्री-IPO, कंपनी के लिस्ट होने से पहले मिलता है इन्वेस्ट करने का मौका
क्या होता है प्री-IPO?
स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने से पहले किसी कंपनी के शेयरों को खरीदने का तरीका ही प्री-IPO के नाम से जाना जाता है। प्री-IPO का ऑप्शन, हाई नेटवर्थ वाले लोगों, संस्थागत निवेशकों और वेंचर कैपिटलिस्ट जैसे चंद लोगों के लिए ही होता है। प्री-IPO में इन्वेस्ट करने का एक जबरदस्त फायदा ये भी है कि IPO की तुलना में आपको कम कीमत पर शेयर खरीदने का मौका मिलता है। ध्यान रहे, कम कीमत पर शेयर खरीदने का मौका प्री-IPO में जरूर मिलता है लेकिन इसमें रिस्क भी ज्यादा होता है।
इन बातों को जानना है जरूरी
इससे पहले कि आप प्री-IPO में इन्वेस्ट करने के बारे में विचार करें आपको इसमें मौजूद रिस्क के बारे में भी जान लेना चाहिए। सबसे पहले तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिन कंपनियों को लिस्ट नहीं किया गया है, उनके शेयरों पर होने वाले मुनाफे पर अलग तरह से टैक्स लगाया जाता है। क्योंकि, आप IPO से भी पहले निवेश कर रहे हैं इसीलिए कंपनी की लिस्टिंग को लेकर किसी प्रकार की गारंटी नहीं होती है जिस वजह से इसमें रिस्क बना रहता है। भविष्य को लेकर कंपनी के प्लान के बारे में जान लें इसके बाद ही प्री-IPO में इन्वेस्ट करें।
डिस्क्लेमर: आलेख में दी गई जानकारी के आधार पर निवेश न करें। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। यह आलेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए लिखा गया है, लेख में मौजूद जानकारी के आधार पर निवेश संबंधित कोई भी फैसला न लें।
