वाणिज्य एवं उद्योग (Commerce and Industry) मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) के साथ यहां हुई एक बैठक में विभिन्न खाद्य उत्पाद आयातकों ने इस मुद्दे को उठाया था। गोयल ने इस संदर्भ में संवाददाताओं से कहा कि हम इस पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहे हैं। मैंने भारत में चावल निर्यातक संघों के साथ कई बैठकें की हैं। हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बासमती चावल के निर्यात और बासमती चावल की विभिन्न किस्मों के आंकड़े जमा किए हैं।
जल्द हम उचित कीमत दे पाएंगे
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द हम उचित कीमत दे पाएंगे, जिससे पूरा उद्योग जगत खुश होगा। उद्योग जगत ने कहा है कि न्यूनतम निर्यात मूल्य 1,200 अमेरिकी डॉलर प्रति टन होने के कारण बासमती चावल के विदेशी खरीदार पाकिस्तान का रुख कर रहे हैं। पिछले 2 वर्षों में वाणिज्य और उद्योग मंत्री के रूप में पीयूष गोयल संयुक्त अरब अमीरात की अपनी तीसरी यात्रा पर हैं। यह गौर करने वाली बात है कि भारत अपनी आर्थिक और वाणिज्यिक साझेदारी को कितना महत्व देता है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ बैठक
पीयूष गोयल ने कहा कि मैंने अभी अपने साथी चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ एक बैठक की है, जो यूएई में बहुत बड़ी संख्या में मौजूद हैं। ये वित्तीय स्थिति को बनाए रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की कंपनियों और भारतीय व्यवसायों के बीच एक जीवंत पुल के रूप में कार्य करेंगे।
पीयूष गोयल ने दुबई में एपीडा कार्यालय के उद्योग सुझाव पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि मुझे लगता है कि यह एक शानदार सुझाव है जो इस पूरे क्षेत्र में खाद्य आयातकों के साथ हमारी बातचीत से उभरा है। मैं इसे पॉजिटिव तरीके से ले रहा हूं।
