Mutual Fund: आपके म्यूचुअल फंड पर कब लगेगा लॉन्ग और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स, समझ लीजिए नया कैलकुलेशन

  • Authored by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 7, 2024, 10:47 AM IST

Mutual Fund: पिछले कुछ साल में म्यूचुअल फंड टैक्सेशन के नियमों में कई बदलाव हुए हैं। जब इन्हें बजट प्रस्तावों के साथ जोड़ा जाता है, तो म्यूचुअल फंड के टैक्सेशन लैंडस्केप में काफी बदलाव नजर आता है। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को तय करने के लिए दो होल्डिंग पीरियड हैं।

Mutual Fund: आम बजट 2024 में अलग-अलग कैपिटस एसेट पर कैपिटल गेन टैक्स- शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में इजाफा किया गया है। इसके अलावा, बजट शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल को रैशनलाइज यानी तर्कसंगत बनाया गया है। सरकार के इस कदम से आपका म्यूचुअल फंड (MF) निवेश भी प्रभावित होगा। अब कैसे होगा इसे समझते हैं। पिछले कुछ साल में म्यूचुअल फंड टैक्सेशन के नियमों में कई बदलाव हुए हैं। जब इन्हें बजट प्रस्तावों के साथ जोड़ा जाता है, तो म्यूचुअल फंड के टैक्सेशन लैंडस्केप में काफी बदलाव नजर आता है।

New Capital Gains Tax on Mutual fund

म्यूचुअल फंड टैक्सेशन के नियम।

दो होल्डिंग पीरियड

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को तय करने के लिए दो होल्डिंग पीरियड 12 और 24 महीने होंगी। सभी लिस्टेड एसेट को 12 महीने या एक वर्ष से अधिक समय तक रखने पर लॉन्गटर्म की कैटेगरी में रखा जाएगा। लिस्टेड का मतलब भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट एसेट। अन्य सभी एसेट को 24 महीने या दो साल से अधिक समय तक रखने पर लॉन्ग टर्म की कैटेगरी में रखा जाएगा। नियम 23 जुलाई, 2024 से लागू हो गए हैं।

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