Mera Pani Meri Virasat: हमारे लिए खाने की व्यवस्था करने के लिए किसान अपना सबकुछ दांव पर लगा देते हैं। लेकिन इसके बावजूद किसानों को आमदनी के नाम पर मुश्किल से दो वक्त की रोटी का ही इंतजाम हो पाता है। किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत मौसम है। हालांकि, सिर्फ मौसम किसानों के लिए इकलौती मुसीबत नहीं है, तेजी से घट रहा पानी का लेवल भी एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। जमीन के अंदर पानी का स्तर कम होने से खेलों में लगी फसलों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। यही वजह है कि हरियाणा सरकार किसानों को ऐसी फसलें लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिसकी खेती में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं है।
किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए भी 80% तक की सब्सिडी दी जाएगी
धान छोड़ दूसरी फसल की खेती के लिए प्रोत्साहन
दरअसल, धान की खेती में पानी की खपत काफी ज्यादा होती है। लेकिन पानी के घटते लेवल की वजह से धान की खेती करना अब काफी मुश्किल होता जा रहा है। यही वजह है कि हरियाणा सरकार 'मेरा पानी मेरी विरासत' नाम की एक स्कीम लेकर आई है। इस स्कीम के तहत किसानों को धान की खेती छोड़ दूसरी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके लिए उन्हें प्रति एकड़ 7000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। बताते चलें कि पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 2-2 हजार रुपये की 3 किस्तों के रूप में कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं।
आवेदन की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2023
रिपोर्ट्स के मुताबिक हरियाणा सरकार चाहती है कि राज्य के किसान धान की खेती के बजाय बाजरा, मक्का, मूंग, अरहर, उड़द, कपास की खेती के लिए प्रति एकड़ 7 हजार रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए भी 80% तक की सब्सिडी दी जाएगी। बताते चलें कि हरियाणा सरकार की 'मेरा पानी मेरी विरासत' स्कीम के तहत आवेदन करने के लिए किसानों को कृषि एंड किसान कल्याण विभाग के पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in/ पर जाना होगा। बताते चलें कि स्कीम का फायदा उठाने के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2023 है।
