आज के समय में आधार कार्ड बैंक खाते, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, म्यूचुअल फंड, ईपीएफ और एलपीजी सब्सिडी समेत कई महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी हो जाती है। बहुत से लोग आधार की बायोमेट्रिक लॉक सुविधा के बारे में नहीं जानते, जबकि यह आपकी पहचान और वित्तीय सुरक्षा के लिए बेहद उपयोगी फीचर है।
आधार कार्ड बायोमेट्रिक लॉक कैसे करें
क्या है बायोमेट्रिक लॉक फीचर?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार धारकों को अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस (Biometric) डेटा को लॉक करने की सुविधा देता है। इस सुविधा को सक्रिय करने के बाद आपकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए आधार का इस्तेमाल नहीं कर सकता। यदि जरूरत पड़े, तो इसे अस्थायी रूप से अनलॉक भी किया जा सकता है।
ऐसे करें बायोमेट्रिक लॉक
आधार की बायोमेट्रिक जानकारी लॉक करने के लिए सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Aadhaar Services में जाकर Biometric Lock विकल्प चुनें। इसके बाद अपना 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा दर्ज करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) सत्यापित करने के बाद बायोमेट्रिक लॉक फीचर सक्रिय किया जा सकता है।
mAadhaar ऐप से भी मिलेगी सुविधा
अगर आप मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो mAadhaar ऐप के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। ऐप में लॉगिन करने के बाद Biometric Settings में जाकर लॉक विकल्प को ऑन किया जा सकता है।
लॉक होने के बाद क्या होगा?
बायोमेट्रिक लॉक सक्रिय होने के बाद फिंगरप्रिंट या आईरिस के जरिए कोई भी ऑथेंटिकेशन नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी सेवा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी हो, तो ओटीपी के माध्यम से इसे कुछ समय के लिए अनलॉक किया जा सकता है। निर्धारित समय पूरा होने के बाद यह स्वतः फिर से लॉक हो जाता है, हालांकि इस सुविधा का असर यूपीआई, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से होने वाले सामान्य बैंकिंग लेनदेन पर नहीं पड़ता। यह केवल बायोमेट्रिक आधारित सत्यापन को रोकता है।
क्यों जरूरी है यह फीचर?
कुछ क्षेत्रों में Aadhaar Enabled Payment System (AePS) के माध्यम से केवल फिंगरप्रिंट के आधार पर लेनदेन की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि यह प्रणाली सुविधाजनक है, लेकिन कुछ मामलों में बायोमेट्रिक डेटा के दुरुपयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऐसे में बायोमेट्रिक लॉक एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
UIDAI समय-समय पर आधार की Authentication History जांचने की सुविधा भी देता है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आपके आधार का कब और कहां इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा किसी के साथ ओटीपी साझा न करें, जरूरत न होने पर आधार की फोटोकॉपी न दें और सामान्य पहचान सत्यापन के लिए Masked Aadhaar का उपयोग करें।
