Lado Protsahan Yojana: केंद्र और राज्य सरकार की ओर से नागरिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक 'लाडो प्रोत्साहन योजना' (Lado Protsahan Yojana) है। यह योजना देश में राजस्थान सरकार की ओर से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकार बेटियों को 1.50 लाख रुपए की राशि प्रदान करती है। यह राशि बेटियों को 7 किस्तों में दी जाती है, जो कि बेटी के जन्म से शुरू होने के बाद से लेकर उसके 21 वर्ष की आयु हो जाने तक दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में बेटी के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और उसका समग्र विकास सुनिश्चित करना है। योजना का उद्देश्य बाल विवाह में कमी लाना भी है।
Lado Protsahan Yojana (Photo : iStock)
कौन ले सकता है लाभ
इस योजना (Lado Protsahan Yojana) के तहत पात्र परिवारों की बालिकाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, ताकि जन्म से लेकर शिक्षा के अलग-अलग चरणों तक उनकी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। योजना का लाभ राजस्थान के स्थायी निवासी ही ले सकते हैं। इसके अलावा, राजकीय चिकित्सा संस्थान/जननी सुरक्षा योजना के लिए अधिस्वीकृत निजी चिकित्सा संस्थान में जन्म लेने वाली बालिका इस योजना का लाभ ले सकती है।
7 किस्तों में डेढ़ लाख रुपए
- राजस्थान सरकार पात्र चिकित्सा संंस्थानों में बालिक के जन्म पर 2500 रुपए के रूप में पहली किस्त देती है।
- 2500 रुपए की दूसरी किस्त बालिका के एक वर्ष की आयु पूरी होने और सभी टीकाकरण होने पर दी जाती है।
- राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश पर 4000 रुपए दिए जाते हैं।
- राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में 6वीं कक्षा में प्रवेश पर 5000 रुपए दिए जाते हैं।
- राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में 10वीं कक्षा में प्रवेश पर 11000 रुपए दिए जाते हैं।
- राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में 12वीं कक्षा में प्रवेश पर 25000 रुपए दिए जाते हैं।
- सरकार से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से स्नातक परीक्षा पास करने और 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1 लाख रुपए दिए जाते हैं।
कैसे मिलते हैं डेढ़ लाख रुपए
योजना (Lado Protsahan Yojana) के तहत बेटी का जन्म होने पर माता-पिता को डेढ़ लाख रुपए का संकल्प पत्र दिया जाता है। इसके बाद सात चरणों में सरकार की ओर से यह धनराशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए अकाउंट में दी जाएगी।
