इजराइल-हमास संघर्ष, क्या भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर छाया संकट?

थिंक टैंक ने कहा कि संघर्ष इजरायल और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते की संभावना को पटरी से उतार सकता है। नए आर्थिक गलियारे को चीन के विवादास्पद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह गलियारा भारत से लेकर यूरोप तक फैला होगा।

इजरायल-हमास संघर्ष के कारण भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट में देरी और जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने यह बात कही। GTRI ने कहा कि हालांकि संघर्ष के तात्कालिक परिणाम इजराइल और गाजा तक ही सीमित हैं, लेकिन पूरे पश्चिम एशिया में इसके प्रभाव को कम करके नहीं आंका जा सकता है।

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सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता

थिंक टैंक ने कहा कि संघर्ष इजरायल और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते की संभावना को पटरी से उतार सकता है, जो भारत-पश्चिम एशिया -यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईईसी) ढांचे में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। हालांकि, सऊदी अरब और इजराइल के बीच ऐतिहासिक रूप से कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन हाल के वर्षों के दौरान संबंधों में नरमी के संकेत देखे गए हैं।

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