सेबी के सदस्य अश्वनी भाटिया बोले- भारत की ग्रोथ को टिकाऊ अर्थव्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है

Indian Economy Growth: पिछले साल से ही भारत की इकोनॉमी में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। देश की इकोनॉमी दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने 2023 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। देश की इकोनॉमी दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने गुरुवार को कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक वृद्धि को एक टिकाऊ अर्थव्यवस्था में तब्दील होने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वित्त बाजार स्थायी वित्त को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ‘ईएसजी निवेश के जरिए सतत वृद्धि में वित्त बाजारों की भूमिका’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय वित्त सम्मेलन में भाटिया ने कहा कि भारत सहित कई देशों ने पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कदम उठाए हैं। टिकाऊ तथा समावेशी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं की हैं।

Indian Economy, Economy,

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी

इस एक दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी यहां बीएसई के सहयोग से अंजुमन-ए-इस्लाम के अल्लाना इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा की गई थी। अंजुमन-ए-इस्लाम ने इस साल अपनी स्थापना के 150 साल पूरे कर लिए हैं। भाटिया ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से वृद्धि के चरण में है। हालांकि, इस वृद्धि को एक स्थायी अर्थव्यवस्था में तब्दील किए जाने की जरूरत है। नियामकों के रूप में हम वित्तपोषण या प्रकटीकरण तथा पारदर्शिता के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समग्र नियामक ढांचा तैयार कर रहे हैं।

End of Feed