कोर्ट-कचहरी के खर्च से डरें नहीं! कम आय वालों को Free में ऐसे मिलता है वकील

क्या आप जानते हैं सरकार आर्थिक या अन्य बाधाओं से जूझ रहे किसी भी नागरिक को न्याय पाने के समान अवसर से वंचित नहीं रखती। इसके लिए नागरिकों की मदद की जाती है।

देश में बहुत से लोग अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं, लेकिन वकीलों की फीस और अदालत से जुड़े खर्चों के कारण वे ऐसा नहीं कर पाते। हालांकि, बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि भारत में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid) की व्यवस्था मौजूद है। इसके तहत पात्र लोगों को बिना किसी शुल्क के वकील, कानूनी सलाह और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करवाई जाती हैं। यह व्यवस्था इस सिद्धांत पर आधारित है कि न्याय तक पहुंच केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों का अधिकार नहीं है, बल्कि हर नागरिक को समान रूप से न्याय पाने का अवसर मिलना चाहिए।

Free Legal Aid

Free Legal Aid (Photo: iStock)

क्या है मुफ्त कानूनी सहायता?

भारत में मुफ्त कानूनी सहायता की व्यवस्था विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) के तहत की गई है। इस कानून के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर और कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इस व्यवस्था का संचालन राष्ट्रीय स्तर पर National Legal Services Authority (NALSA), राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से किया जाता है। लेटेस्ट सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। 2022-23 से 2024-25 तक, विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा दी गई कानूनी सहायता और सलाह से 44.22 लाख से अधिक लोग को लाभ मिला है।

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