Health Insurance Policy: आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस को आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा होना चाहिए। इसके बिना आपको वित्तीय रूप से संकट का सामना करना पड़ सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस आपके स्वास्थ्य संबंधित जोखिमों को कवर करता है। अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस है, तो बीमार होने पर आपके ऊपर वित्तीय बोझ नहीं बढ़ता है। अक्सर सुनने को मिलता है कि हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम कंपनी ने रिजेक्ट कर दिया। लेकिन ऐसा क्यों होता है और ऐसा क्या करना चाहिए कि आपका क्लेम रिजेक्ट न हो... आइए जान लेते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस
इंश्योरेंस क्लेम नहीं होगा रिजेक्ट
अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस के लिए क्लेम जरूरी है कि पॉलिसी के नेटवर्क शामिल हॉस्पिटल में ही इलाज करवाएं। ब्लैकलिस्टेड या प्रतिबंधित अस्पतालों से बचना चाहिए। इसके अलावा आपके पास क्लेम के लिए कम से कम 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने का डॉक्यूमेंट हो। गलत पॉलिसी नंबर दर्ज करने से बचने के लिए इसकी डिटेल्स को संभालकर रखें। ऐसी सर्विस जो आपके हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में शामिल नहीं है, इसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए।
मरीज को रिम्बर्समेंट 30 दिनों के भीतर प्रदान किया जाता है। यह अवधि अस्पताल सुविधा से छुट्टी की तारीख से शुरू होती है। अगर आप के हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए अपना इलाज करवाने जा रहे हैं, तो जरूरी है कि इंश्योरेंस क्लेम के लिए बीमाकर्ता को 48-72 घंटे पहले इस संबंध में जानकारी दे दें।
कहां कर सकते हैं शिकायत
अगर आपका क्लेम सही और बीमा कंपनी इसे स्वीकार नहीं कर रही है, तो आप इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए आईआरडीएआई पोर्टल पर बीमा भरोसा सिस्टम पर जाएं। ग्राहक अपनी शिकायतें@irdai.gov.in पर ईमेल भी कर सकते हैं। शिकायतें इन नंबरों 155255/18004254732 पर भी दर्ज की जा सकती हैं।
