General And Sleeper Train Coaches: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में रेलवे के जनरल और स्लीपर डिब्बों को लेकर चल रही बहस पर स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश की सभी ट्रेनों में जनरल और स्लीपर डिब्बों की संख्या कुल कोच का करीब 70 प्रतिशत है। मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर फर्जी विमर्श खड़ा कर रहा है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
ट्रेन में जनरल और स्लीपर कोचों की संख्या कितनी (तस्वीर-istock)
गरीबों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
वैष्णव ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए पूरी तरह समर्पित है और रेलवे की नीतियों में यह साफ दिखाई देता है। उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने केवल “गरीबी हटाओ” जैसे नारे दिए, लेकिन असल में गरीबों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार गरीबों के हित में लगातार काम कर रही है।
राज्यों पर परियोजनाएं रोकने का आरोप
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रेल मंत्री ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल की राज्य सरकारों पर भी आरोप लगाया कि वे रेलवे परियोजनाओं में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने इन राज्यों की सरकारों को विकास विरोधी बताया। गौरतलब है कि इन राज्यों के साथ असम और पुडुचेरी में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिससे यह मुद्दा और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।
बजट और रेलवे का विकास
मंत्री ने बताया कि रेलवे को इस बार 2.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट मिला है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले रेलवे बजट को आम बजट में शामिल करने का जो फैसला लिया गया था, उसका फायदा अब भी मिल रहा है। इस निर्णय से रेलवे को ज्यादा संसाधन और बेहतर योजना बनाने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि हर साल नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं और काम में पारदर्शिता आई है। रेलवे की वित्तीय स्थिति भी पहले से काफी मजबूत हुई है और अब उसके खाते साफ और पारदर्शी तरीके से पेश किए जाते हैं।
खर्च और उपलब्धियां
वैष्णव ने बताया कि रेलवे हर साल एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च अपने कर्मचारियों पर करता है, जबकि लगभग 32 हजार करोड़ रुपये ऊर्जा पर खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे अब दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा माल परिवहन नेटवर्क बन चुका है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि है।
विद्युतीकरण और नई तकनीक
रेल मंत्री के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में 47 हजार किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया गया है और अब लगभग 99 प्रतिशत नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार हो चुकी है, जो दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन बताई जा रही है। इसके अलावा, अमृत भारत और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों से यात्रियों को काफी सुविधा मिली है और यात्रा का अनुभव बेहतर हुआ है।
स्टेशन पुनर्विकास और भविष्य की योजना
मंत्री ने कहा कि देशभर में 1,300 रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण का काम शुरू किया गया है, जिनमें से 180 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है और कई अन्य अंतिम चरण में हैं। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रेलवे का स्वरूप आधुनिक बनेगा।
लोकसभा में चर्चा और निष्कर्ष
लोकसभा में इस मुद्दे पर 210 से अधिक सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। अंत में, रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई और विपक्ष के कटौती प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। अपने भाषण के अंत में वैष्णव ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भगवान राम के सेतु निर्माण में एक गिलहरी ने भी छोटा योगदान दिया था, वैसे ही वे भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी छोटी भूमिका निभा रहे हैं।
