नई दिल्ली: 1 जुलाई, 2025 से कई नए वित्तीय नियम लागू हो गए हैं, जिसका आपकी जेब पर सीधा असर हो सकता है। इनमें यूपीआई चार्जबैक, नए तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग और पैन कार्ड के नियमों में बदलाव शामिल हैं। आज से तत्काल टिकट बुकिंग के कई नए नियम लागू हो गए है। 1 जुलाई 2025 से आईआरसीटीसी की वेबसाइट या इसके मोबाइल ऐप के जरिए तत्काल ट्रेन टिकट के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य हो जाएगा।
1 जुलाई ,2025 से क्या क्या बदला
1 जुलाई से बढ़ गया ट्रेन का किराया
रेल मंत्रालय ने एक जुलाई से मेल और एक्सप्रेस ट्रेन में गैर-वातानुकूलित श्रेणी के किराए में एक पैसा प्रति किलोमीटर और सभी वातानुकूलित श्रेणी में दो पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि की है। मंत्रालय ने सोमवार को एक आधिकारिक परिपत्र जारी कर यह जानकारी दी।मंत्रालय के अधिकारियों ने ट्रेन के किराए में प्रस्तावित संशोधन के संबंध में 24 जून को संकेत दिए थे।
मासिक पास टिकट में बदलाव नहीं
दैनिक यात्रियों के हित में उपनगरीय ट्रेन और मासिक पास टिकट के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।साधारण द्वितीय श्रेणी का किराया 500 किलोमीटर तक नहीं बढ़ाया गया है और इससे अधिक दूरी के लिए टिकट की कीमत में आधा पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। साधारण शयनयान श्रेणी और प्रथम श्रेणी के यात्रियों को भी एक जुलाई यानी आज से रेल यात्रा के लिए प्रति किलोमीटर आधा पैसा अधिक देना होगा।
बिना आधार नहीं बनेगा पैन कार्ड
अगर आप नए पैन कार्ड का आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके लिए अब पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य हो गया है। नया नियम 1 जुलाई से लागू है, पहले किसी भी वैध दस्तावेज या जन्म प्रमाणपत्र के जरिए पैन कार्ड बनावा सकते थे। लेकिन अब बिना आधार कार्ड के पैन कार्ड नहीं बन पाएगा ।
तत्काल टिकट के लिए जरुरी आधार
1 जुलाई से तत्काल टिकट सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलेगा, जिनका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होगा। बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट तक केवल आधार लिंक्ड यूजर्स ही टिकट बुक कर सकेंगे। साथ ही इस विंडो में रेल एजेंट टिकट नहीं काट पाएंगे। यानी इसका सीधा मतलब यही हुआ कि अगर आपका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार से जुड़ा हुआ नहीं है, तो तत्काल टिकट आपको नहीं मिल पाएगा।
यूपीआई में बदलाव
मौजूदा समय में बहुत अधिक दावों के कारण सभी चार्जबैक रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया जाता है। ऐसे में सही चार्जबैक रिक्वेस्ट को प्रोसेस करने के लिए बैंक को यूपीआई रेफरेंस कंप्लेंट सिस्टम (यूआरसीएस) के जरिए एनपीसीआई के पास जाकर केस को व्हाइटलिस्ट करना पड़ता है। 15 जुलाई के बाद एनपीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं रहेगी। अगर बैंक को कोई चार्जबैक रिक्वेस्ट सही लगती है तो उसे वह एनपीसीआई से व्हाइटलिस्ट किए बिना प्रोसेस कर सकती है।
यूपीआई चार्जबैक एक औपचारिक विवाद है जिसे यूजर तब उठाता है जब कोई लेनदेन विफल हो जाता है या जब भुगतान की गई सेवा या उत्पाद वितरित नहीं किया जाता है। यह यूजर को बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से धन वापसी की मांग करने की अनुमति देता है। नए पैन कार्ड का आवेदन करने के लिए एक जुलाई से आपके पास आधार कार्ड होना जरूरी है। इससे पहले आप किसी भी वैध दस्तावेज या जन्म प्रमाणपत्र के जरिए पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे।
दिल्ली में आज से पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर रोक शुरू
दिल्ली में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध की शुरुआत हुई। दिल्ली सरकार ने ऐसे वाहनों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में करीब 350 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट रीडर कैमरे (एएनपीआर) लगाए हैं। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की कई टीमों को दक्षिण दिल्ली के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर तैनात किया गया है। यह अभियान मंगलवार सुबह 6 बजे से शुरू हुआ, जिसमें 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल चालित वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को ईंधन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।यह कदम वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयास का हिस्सा है। साल 2018 में उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था।राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 2014 के एक आदेश में भी सार्वजनिक स्थानों पर 15 साल से पुराने वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाई गई थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)
