House Sales: हैदराबाद और पुणे में कम मांग रहने से देश के नौ प्रमुख शहरों में मौजूदा तिमाही के दौरान घरों की बिक्री दो प्रतिशत घटकर लगभग 1.20 लाख यूनिट रह जाने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली फर्म प्रॉपइक्विटी ने गुरुवार को अप्रैल-जून तिमाही के अंत से 10 दिन पहले घरों की बिक्री के संभावित आंकड़े जारी किए।
घरों की बिक्री में गिरावट का अनुमान
अप्रैल-जून तिमाही में गिरावट
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में घरों की बिक्री हल्की गिरावट के साथ 1,19,901 यूनिट रहने का अनुमान है। एक साल पहले की समान अवधि में 1,21,856 घरों की बिक्री हुई थी। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर बाजार में इस साल अप्रैल-जून के दौरान आवासीय संपत्तियों की बिक्री बढ़कर 10,198 यूनिट रहने का अनुमान है। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 9,635 यूनिट रहा था।
बेंगलुरु में घरों की बिक्री बढ़ने का अनुमान
बेंगलुरु में भी घरों की बिक्री एक साल पहले की 15,088 यूनिट से बढ़कर 15,127 यूनिट पर पहुंचने का अनुमान है। लेकिन चेन्नई में बिक्री 4,950 यूनिट से घटकर 4,841 यूनिट पर आ जाने का अनुमान है। हैदराबाद में भी बिक्री 20 फीसदी घटकर 15,016 यूनिट रहने का अनुमान है जो पिछले साल की समान अवधि में 18,757 यूनिट थी। कोलकाता में बिक्री 4,025 यूनिट से बढ़कर 5,130 यूनिट पर पहुंचने की संभावना है।
मुंबई में घरों की बिक्री
मुंबई में घरों की बिक्री 13,219 यूनिट की तुलना में मामूली रूप से घटकर 13,032 यूनिट पर आ जाने का अनुमान है। हालांकि, इसके उपनगरीय इलाके नवी मुंबई में घरों की बिक्री 36 प्रतिशत बढ़कर 9,035 इकाइयों पर पहुंचने की संभावना है। पुणे में घरों की बिक्री 26,586 इकाइयों से 15 प्रतिशत घटकर 22,482 इकाइयों पर पहुंचने की संभावना है। ठाणे में घरों की बिक्री 9 प्रतिशत बढ़कर 25,041 इकाइयों पर पहुंच सकती है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 22,956 इकाई थी।
18 फीसदी की गिरावट का अनुमान
अप्रैल-जून तिमाही में घरों की बिक्री जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत घटने का अनुमान है। पिछली तिमाही में 1,46,1947 घरों की बिक्री हुई थी। प्रॉपइक्विटी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर जसूजा ने कहा कि जनवरी-मार्च की अवधि एक असाधारण तिमाही थी जिसमें भारत में अबतक की सर्वाधिक बिक्री देखी गई थी। इसके साथ ही अप्रैल-जून की तिमाही आपूर्ति और बिक्री के संबंध में अन्य तिमाहियों की तुलना में आमतौर पर सबसे धीमी होती है।
(इनपुट-भाषा)
