Right to Repair: उपभोक्ताओं के राइट टू रिपेयर अधिकार को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सर्विस सेंटर और वारंटी शर्तों पर स्पष्टता के जरिए उपभोक्ताओं के जीवन को आसान बनाने के लिए ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और कृषि उपकरण जैसे 4 सेक्टर को मंजूरी दी है। इन चार उद्योगों को राइट टू रिपेयर पोर्टल इंडिया में शामिल किया जाएगा। उपभोक्ताओं के सर्वोत्तम हित में प्रोडक्टस, सेवा केंद्रों और वारंटी शर्तों के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
इस कदम के हिस्से के रूप में स्टैंडर्डाइज्ड प्रोडक्ट फॉर्म जारी किए जाएंगे। सरकार ने इन चारों सेक्टर्स में कंपनियों तो कीमतों पर अंकुश लगाते हुए रिपेयरिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं पर से खर्च के बोझ को कम करना है।
भारत में 'मरम्मत का अधिकार' क्या है?
उपभोक्ता मामले का मंत्रालय भारत में राइट टू रिपेयर अधिकार पोर्टल संचालित करता है। वेबसाइट उपभोक्ताओं को दी जाने वाली वारंटी और गुड्स प्रोवाइडर्स द्वारा संचालित सेवा केंद्रों के बारे में आसानी से जानकारी प्रदान करती है। उपभोक्ता अब मोबाइल, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, ऑटोमोबाइल और यहां तक कि कृषि उपकरणों की मरम्मत किफायती कीमत पर प्राप्त कर सकते हैं।
मरम्मत में देरी
अक्सर ऐसी शिकायतें देखने को मिलती हैं कि प्रोडक्ट्स न केवल मरम्मत में काफी देरी होती है बल्कि कई बार उत्पादों की मरम्मत बहुत अधिक कीमत पर की जाती है। कई बार स्पेयर पार्ट्स भी उपलब्ध नहीं होते हैं।
उपयोगकर्ता पोर्टल पर राइट टू रिपेयर अधिकार कैसे प्राप्त करें
- सबसे पहले https://righttorepairindia.gov.in/ पर जाएं।
- उपकरण श्रेणी का चयन करें अपना उपकरण प्रोवाइडर चुनें।
- आपको वेबसाइट पर कंपनी के पेज पर रिडायरेक्ट कर दिया जाएगा।
- यहां आपको कंपनी द्वारा बेचे जाने वाले उत्पादों की सूची के साथ-साथ डिटेल्स भी मिलेंगे।
- ग्राहक सेवा का समय और कहां कॉल या ईमेल करना है, इसकी जानकारी मिल जाएगी।
- अधिकृत सेवा केंद्रों की सूची मल्टी-ब्रांड स्टोर की लिस्ट भी मिल जाएगी।
