Ethanol Blending नहीं होती तो 125 रुपये लीटर होती पेट्रोल की कीमत, संसद में सरकार का बड़ा दावा

सरकार के मुताबिक, अगर एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम नहीं होता, तो बाजार के हिसाब से पेट्रोल की कीमत करीब 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती था, हालांकि दिल्ली में उपभोक्ताओं को पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलता रहा।

केंद्र सरकार ने संसद में दावा किया है कि अगर देश में एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) कार्यक्रम लागू नहीं किया गया होता, तो हाल ही में पश्चिम एशिया (West Asia) में पैदा हुए भू-राजनीतिक संकट के दौरान भारत में पेट्रोल की कीमत 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी। सरकार का कहना है कि एथेनॉल के बढ़ते इस्तेमाल ने न केवल कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम की, बल्कि आम लोगों को महंगे पेट्रोल से भी राहत दिलाई।

E20 Blending

E20 पर संसद में सरकार ने क्या कहा?

संसद में सरकार ने क्या कहा?

लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब में बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी हुई।

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