UPI transaction rules change: अगर आप ऑनलाइन पेमेंट या फिर मनी ट्रांसफर के लिए Google Pay, PhonePe और Paytm का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है। दरअसल नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) यूपीआई ऐप्स को लेकर एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है जिसका करोड़ों यूपीआई ऐप्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर पड़ेगा। NPCI बहुत जल्द यूपीआई ऐप्स पर दी जा रही है पैसे मांगने की रिक्वेस्ट यानी Money Request का ऑप्शन हटाने जा रहा है।
UPI ऐप्स में एक बार फिर होने जा रहा है बड़ा बदलाव।
NPCI की तरफ से UPI Apps की Money Request फीचर को 1 अक्टबर से बंद कर दिया जाएगा। इस संबंध में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन की तरप से बैंकों और पेंमेंट्स ऐप्स को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं कि इस फीचर को हटा दिया जा जाए। NPCI की तरफ से यह कदम ऑनलान धोखाधड़ी के बढ़ते मांमलों पर लगाम कसने के लिए उठाया गया है। आइए आपको इसके बारे में डिटेल जानकारी देते हैं।
जारी किया गया नोटिस
एनपीसीआई ने इस संबंध में 29 जुलाई को एक नोटिस जारी किया था। इसमें बैंक्स और डिजिटल पेमेंट की सर्विस देने वाले ऐप्स को मनी रिक्वेस्ट को हटाने को कहा। आदेश में कहा गया कि 1 अक्तूबर 2025 के बाद से कोई भी P2P कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजा या फिर प्रॉसेस नहीं किया जाएगा। इसका सीधा-सीधा मतलब यह है कि आप किसी को पैसे भेज सकेंगे, लेकिन यूपीआई ऐप्स से किसी से पैसे मांग नहीं पाएंगे।
आपको बता दें कि UPI ऐप्स का मनी रिक्वेस्ट फीचर काफी यूजफुल फीचर रहा है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति एक बार में 2000 रुपये तक और दिन में करीब 50 बार तक पैसे मांगने की रिक्वेस्ट कर सकता है। हालांकि पिछले कुछ समय में इस फीचर का इस्तेमाल कई बार फ्रॉड के लिए किया गया। साइबर क्रिमिनल्स फर्जी पैसा मांगने का रिक्वेस्ट भेजकर लोगों को ठग लेते थे। इसी को देखते हुए NPCI ने इस फीचर को बंद करने का फैसला लिया है।
ट्रांजैक्शन यूजर एनिशिएटेड होंगे
अब यूपीआई ऐप्स पर सिर्फ वही ट्रांजैक्शन होंगे जो भेजने वाला खुद शुरू करेगा। मतलब अब आपको खुद ही क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा, यूपीआई आईडी फिल करनी होगी इसके बाद पैसे भेजने का प्रॉसेस शुरू करना होगा। इसका एक बड़ा फायदा यह होगा पैसे का लेने देने का पूरा कंट्रोल भेजने वाले के पास होगा। इस बड़े बदलाव के बाद अब कोई भी किसी को ऐप पर रिक्वेस्ट भेजकर पैसे नहीं मांग पाएगा। अब UPI Apps पर ट्रांजैक्शन यूजर एनिशिएटेड होंगे जिससे पैसे का ट्रांसफर भेजने वाले की मंजूरी पर ही निर्भर होगा।
