How to check Adulterated Milk, Tips and Tricks to identify Adulteration of Milk: दिवाली सरीखे त्यौहारी मौसम में दूध, मावा और मिठाई की मांग एक ओर बढ़ जाती है तो दूसरी तरफ इसकी पूर्ति और पैसे कमाने के लिए कुछ लोग मिलावटखोरी का खेल भी खेलने लगते हैं। ऐसे में कहीं आप भी मिलावटी या नकली दूध तो नहीं ले रहे और पी रहे? ऐसा इसलिए क्योंकि यह मिलावट आपके लिए बेहद खतरनाक और यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी आपको ग्रसित करा सकती है। आइए जानते हैं कि कैसे शुद्ध और मिलावटी दूध की पहचान की जाती है।
असली और नकली दूध को पहचानने का सरल तरीका यह भी है कि आप उसे सूंघिए। अगर उससे डिटर्जेंट जैसी गंध आए तो समझ जाएं कि वह सिथेंटिक है।
दूध में पानी की मिलावट पता करने के लिए उसे टाइल के टुकड़े पर डालें। अगर वहां सफेद लाइन नजर आए तो आपका दूध असली है। अगर वह एकदम से बह जाए और पीछे कोई स्पॉट न छोड़े तो समझ जाएं कि वह नकली है।
सोर्स: eatrightindia.gov.in
अरहर की दाल को पीसकर पाउडर बना लें। दूध में फिर डालें और पांच मिनट तक पड़ा रहने दें। अगर रंग लाल जैसा हो जाए तो समझें कि उसमें यूरिया की मिलावट की गई है।
दूध में डिटर्जेंट की मिलावट को परखने के लिए आप दो अंगुलियों के बीच में दूध लें और मसलें। अगर उसमें डिटर्जेंट जैसी गंध आए तो इसका मतलब है कि वह नकली है और सिथेंटिक दूध है।
आप इसके अलावा बर्तन में दूध में पानी मिलाकर भी डिटर्जेंट की जांच कर सकते हैं। दूध और पानी को मिलाकर कुछ देर तक हिलाएं फिर अगर ऊपर बर्तन में झाग बन जाए तो समझें कि उसमें मिलावट है।
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स्टार्च की मिलावट को पकड़ने के लिए आयोडीन ले लीजिए। यह मेडिकल शॉप पर आसानी से मिल जाएगा। आयोडीन की ड्रॉप डालने के बाद पांच मिनट का इंतजार करें और अगर रंग बदल जाता है तो समझ जाएं कि उसमें मिलावट की गई है। पर अगर रंग पीला रहता है तब समझें कि वह असली है।
मिलावटी दूध और मावे के ये हैं नुकसान
- पेट में ऐंठन और अपच
- कब्ज और हैजा की आशंका
- एलर्जी, टाइफाइड और पीलिया हो सकता है
- अल्सर और डायरिया का भी खतरा
- छोटे बच्चों के लिए बेहद हानिकारक
- त्वचा रोग हो सकता है
- किडनी और लिवर पर असर डाल सकता है
- संक्रमण पैदा कर सकता है
- सिर दर्द और पेट दर्द हो सकता है
