कोरोमंडल एक्सप्रेस महज ट्रेन नहीं बल्कि करोड़ों बेबस लोगों की आखिरी उम्मीद, 46 साल से बनी हुई है लाइफलाइन

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jun 7, 2023, 04:43 PM IST

Coromandel Express: ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे के बाद ये ट्रेन काफी चर्चा में है। 2 जून को ओडिशा के बालासोर में तीन ट्रेनें एक-दूसरे से टकराईं, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई।

Coromandel Express: ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे के बाद ये ट्रेन काफी चर्चा में है। 2 जून को ओडिशा के बालासोर में तीन ट्रेनें एक-दूसरे से टकराईं, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई। एक हजार से ज्यादा घायल हुए। हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। 1977 में शुरू हुई ये ट्रेन भारतीय रेलवे की प्रमुख ट्रेनों में से एक थी जो कभी दक्षिण भारत के साथ बंगाल को जोड़ने का एक प्रमुख जरिया थी।

Coromandel Express

कोरोमंडल एक्सप्रेस

ट्रेन शुरू में दक्षिणी भारत में रहने वाले लगभग हर बच्चे के लिए छुट्टियों पर घर जानें का सबसे बढ़िया साधन थी, जो परिवारों को आने-जाने और समय की पाबंदी, सफाई और भरोसेमंद पेंट्री सेवा के लिए जानी जाती थी।

End of Feed