अगर आप नई नौकरी की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तो सैलरी, कंपनी कल्चर और लोकेशन के अलावा एक और बेहद अहम चीज है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, और वो है आपका प्रोविडेंट फंड (PF)। कई लोग नौकरी बदलते समय PF से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर लापरवाह हो जाते हैं, जिससे बाद में पैसे निकालने या ट्रांसफर करने में समस्याएं आती हैं यहां हम बता रहे हैं कि नौकरी बदलते समय PF से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि भविष्य में कोई झंझट न हो।
PF Rules
1. पुरानी PF राशि को नई कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर करें
जब आप नई कंपनी में शामिल होते हैं, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी पुरानी कंपनी के PF अकाउंट को नई कंपनी के PF अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाए। इसके लिए आपको UAN (Universal Account Number) की जरूरत होगी, जो आपके PF अकाउंट से जुड़ा एक यूनिक नंबर होता है।
कैसे करें ट्रांसफर
EPFO की वेबसाइट या उमंग (UMANG) ऐप के जरिए आप ऑनलाइन PF ट्रांसफर का अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए आपका आधार और मोबाइल नंबर UAN से लिंक होना जरूरी है।
2. पुराना और नया UAN न बनवाएं, एक ही UAN रखें
कई बार नई कंपनी में HR नया UAN जनरेट करवा देती है, जबकि पुराने का ट्रांसफर ही काफी होता है। दो UAN होने से भविष्य में क्लेम और ट्रैकिंग में दिक्कत आती है। अगर गलती से नया UAN बन गया हो, तो EPFO के माध्यम से पुराने और नए UAN को मर्ज करवाना जरूरी है।
3. KYC डॉक्यूमेंट अपडेट रखें
UAN से जुड़े KYC डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार, पैन, और बैंक डिटेल्स अपडेट और वेरिफाइड होने चाहिए। यह ट्रांसफर, क्लेम और PF बैलेंस चेक जैसी सुविधाओं के लिए अनिवार्य है।
4. दो महीनों तक नौकरी न होने की स्थिति में PF निकाल सकते हैं
अगर आप दो महीने से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहते हैं, तो आप अपनी PF राशि निकाल सकते हैं। हालांकि, यह कदम सोच-समझकर ही उठाएं क्योंकि PF में जमा रकम आपके रिटायरमेंट के लिए होती है।
5. टैक्स और TDS का रखें ध्यान
अगर आपने 5 साल से कम समय तक PF में योगदान किया है और आप पैसा निकालते हैं, तो उस पर टैक्स और 10% TDS लग सकता है। लेकिन अगर आपका कुल PF बैलेंस ₹50,000 से कम है या आपने फॉर्म 15G/15H भरा है, तो TDS से छूट मिल सकती है।
6. PF बैलेंस और स्टेटस पर नजर रखें
आप अपना PF बैलेंस SMS, मिस्ड कॉल, UMANG ऐप या EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके चेक कर सकते हैं। इससे आपको ट्रांसफर या क्लेम स्टेटस की रीयल-टाइम जानकारी मिलती रहेगी।
7. पासबुक और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री सुरक्षित रखें
PF ट्रांजैक्शन से जुड़ी पासबुक और रिकॉर्ड्स को डाउनलोड करके संभाल कर रखें। यह भविष्य में किसी विवाद या क्लेम के दौरान आपके काम आ सकते हैं।
