PM Kisan Scheme Rule: देश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम चला रही है। इस स्कीम के जरिए सरकार देश के किसानों के खाते में साल में 6000 रुपये की राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर करती है। किसानों को यह राशि 2000-2000 रुपये की तीन किस्तों में मिलती है। इस साल फरवरी में सरकार ने देश के किसानों के खाते में पीएम किसान की 16वीं किस्त जारी की थी। 28 फरवरी 2024 को पीएम मोदी ने 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि ट्रांसफर की थी। इस स्कीम को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल चलते रहते हैं। ऐसा ही एक सवाल यह है कि क्या किसी परिवार के सभी सदस्यों को पीएम किसान की राशि मिल सकती है।
क्या सभी सदस्य उठा सकते हैं लाभ
पीएम किसान स्कीम के नियमों के अनुसार, एक किसान परिवार का एक ही व्यक्ति इस स्कीम का लाभ उठा सकता है। यहां तक की पति-पत्नी में से किसी को भी इस स्कीम का राशि मिलेगी। अगर परिवार का कोई दूसरा सदस्य इस स्कीम के लिए आवेदन करता है, तो उसे रद्द कर दिया जाता है। इसलिए अगर आप इस स्कीम के लाभार्थी हैं, तो एक से अधिक सदस्य के नाम से आवेदन न करें, क्योंकि आपका आवेदन भी रद्द हो जाएगा।
कहां और कैसे कैसे करें शिकायत
अगर पीएम किसान की किश्त का पैसा आपको नहीं मिल रहा है, तो आप pmkisan-ict@gov.in पर संपर्क कर सकते हैं। आप इस हेल्पलाइन नंबर 011-2430-0606 पर भी कॉल करके जानकारी ले सकते हैं।
पीएम किसान टोल फ्री नंबर : 18001155266 पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर: 155261 पीएम किसान लैंडलाइन नंबर: 011-23381092, 23382401 पीएम किसान की अन्य हेल्पलाइन : 0120-6025109
इन चार चीजों को पूरा रखना जरूरी
भूमि रिकॉर्ड के तहत किसानों का जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट हो। पीएम किसान पोर्टल पर किसान का ई-केवाईसी होना जरूरी बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी। आपका बैंक खाता भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से लिंक होना जरूरी
बेनेफिशियरी स्टेटस कैसे चेक करें
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट-pmkisan.gov.in पर जाएं। यहां होम पेज पर 'फार्मर्स कॉर्नर' सेक्शन पर क्लिक करें और फिर आखिर में फिर 'बेनेफिशियरी स्टेटस' टैब पर क्लिक करें।
पीएम किसान स्कीम में रजिस्टर्ड किसानों के लिए eKYC अनिवार्य है। ओटीपी आधारित ईकेवाईसी पीएमकिसान पोर्टल पर उपलब्ध है या बायोमेट्रिक आधारित ईकेवाईसी के लिए निकटतम सीएससी केंद्रों से किसान संपर्क कर सकते हैं।
