सोशल मीडिया पर अक्सर इस बात को लेकर बहस होती रहती है कि क्या कैब ड्राइवर AC चलाने से मना कर सकता है? कई बार इस पर काफी विवाद भी हो चुकी है और सोशल मीडिया पर तो कई ऐसे वीडियोज मिल जाएंगे जिसमें कैब में एसी ना चलाने को लेकर विवाद हुआ है। ऐसे में सवाल उठने लगा कि आखिर ऐप कैब में AC चलाना किसकी जिम्मेदारी है।
क्या कैब ड्राइवर AC चलाने से मना कर सकता है?
क्या कानून AC चलाने को अनिवार्य बनाता है?
भारतीय कानून में फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जो कैब ड्राइवर को हर हाल में AC चलाने के लिए बाध्य करे। मोटर व्हीकल एक्ट में AC को अनिवार्य सेवा के रूप में शामिल नहीं किया गया है, हालांकि मामला सिर्फ कानून तक सीमित नहीं है। जब कोई यात्री AC कैटेगरी वाली कैब बुक करता है, तो किराए में पहले से ही AC और ईंधन का खर्च शामिल माना जाता है। ऐसे में कंपनियों की पॉलिसी के तहत ड्राइवर से AC सुविधा देने की उम्मीद की जाती है।
Uber और Ola की क्या है पॉलिसी?
Uber और Ola जैसी कंपनियां अपनी ज्यादातर कैटेगरी की राइड्स को AC-इनेबल्ड मानती हैं। Uber का कहना है कि अगर यात्री ने AC कैब बुक की है, तो ड्राइवर को AC उपलब्ध कराना चाहिए। वहीं Ola भी ड्राइवरों को डिफॉल्ट रूप से AC चलाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
अगर किसी यात्री को AC सुविधा नहीं मिलती, तो वह एप के “Help” या “Support” सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज कर सकता है। लगातार शिकायत मिलने पर ड्राइवर की रेटिंग कम हो सकती है या उसके अकाउंट पर कार्रवाई भी हो सकती है।
ड्राइवर क्यों करते हैं AC चलाने से परहेज?
ड्राइवरों का कहना है कि AC चलाने से माइलेज कम हो जाता है और पेट्रोल या CNG की खपत बढ़ जाती है। बढ़ते ईंधन खर्च और कंपनियों के कमीशन के बाद उनकी कमाई पहले ही सीमित रहती है। कई ड्राइवर यह भी बताते हैं कि ट्रैफिक में AC का इस्तेमाल ज्यादा महंगा पड़ता है और छोटी दूरी की राइड में उन्हें घाटा उठाना पड़ता है। इसके अलावा खराब AC की मरम्मत भी काफी खर्चीली होती है।
