किचन के लिए नया अप्लायंस खरीदते समय अक्सर लोगों के सामने सवाल होता है कि ओवन लेना बेहतर है या एयर फ्रायर। दोनों का इस्तेमाल खाना पकाने और गर्म करने के लिए किया जाता है, लेकिन इनके काम करने का तरीका, क्षमता और बिजली की खपत अलग होती है। अगर आपका फोकस कम तेल में खाना बनाने और बिजली बचाने पर है तो एयर फ्रायर बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, बेकिंग और ज्यादा मात्रा में खाना बनाने के लिए ओवन ज्यादा काम का साबित होता है।
बिजली बिल किसमें कम आएगा?/photo-AI
एयर फ्रायर में क्या-क्या बना सकते हैं?
एयर फ्रायर तेजी से गर्म होकर गर्म हवा को खाने के चारों तरफ घुमाता है। इसमें फ्रेंच फ्राइज, टिक्की, समोसा, पकोड़े, चिकन, पनीर, सब्जियां और स्नैक्स जैसी चीजें कम तेल में बनाई जा सकती हैं। इसके अलावा कई एयर फ्रायर में केक, कुकीज और दूसरी बेकिंग रेसिपी भी बनाई जा सकती हैं।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जल्दी गर्म हो जाता है और छोटे हिस्से का खाना कम समय में तैयार कर देता है। इसलिए रोजाना के स्नैक्स, फ्रोजन फूड और कम मात्रा में खाना बनाने वालों के लिए एयर फ्रायर सुविधाजनक है।
ओवन में ज्यादा तरह के काम
अगर आप एक ऐसा उपकरण चाहते हैं जो बेकिंग के साथ-साथ कई तरह के कुकिंग काम कर सके, तो ओवन ज्यादा उपयोगी हो सकता है। OTG या कन्वेक्शन ओवन में केक, ब्रेड, पिज्जा, कुकीज, रोस्टेड सब्जियां और बड़े आकार के व्यंजन बनाए जा सकते हैं। बड़ी क्षमता वाले ओवन में एक साथ ज्यादा मात्रा में खाना भी तैयार किया जा सकता है, हालांकि ओवन को गर्म होने में एयर फ्रायर की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए सिर्फ छोटी मात्रा में खाना बनाने के लिए हर बार ओवन चलाना सुविधाजनक नहीं होता।
बिजली बिल किसमें कम आएगा?
बिजली की खपत सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि उपकरण की क्षमता कितने वाट है। कितने समय तक इस्तेमाल किया गया और एक बार में कितना खाना बनाया गया, यह भी महत्वपूर्ण है। आमतौर पर एयर फ्रायर छोटी मात्रा में खाना जल्दी तैयार कर देता है, इसलिए छोटे हिस्से के भोजन के लिए इसकी कुल बिजली खपत कम रह सकती है।
दूसरी ओर, ओवन की क्षमता ज्यादा होती है और वह ज्यादा मात्रा में खाना एक साथ पका सकता है। अगर आपको एक बार में बड़ी मात्रा में खाना बनाना है, तो सिर्फ प्रति घंटे की बिजली खपत देखने के बजाय प्रति बैच की खपत देखना ज्यादा सही होगा।
उदाहरण से समझें बिजली का खर्च
मान लीजिए किसी उपकरण की पावर 1,500 वॉट यानी 1.5 किलोवाट है और वह एक घंटे चलता है। इस स्थिति में वह करीब 1.5 यूनिट बिजली इस्तेमाल करेगा। अगर आपके इलाके में बिजली की प्रभावी दर 8 रुपये प्रति यूनिट है, तो एक घंटे का खर्च करीब 12 रुपये होगा। इसी तरह, अगर कोई एयर फ्रायर 1.5 किलोवाट का है और 20 मिनट चलता है, तो सैद्धांतिक रूप से उसकी खपत करीब 0.5 यूनिट होगी। वास्तविक खपत थर्मोस्टेट, तापमान और इस्तेमाल के तरीके के कारण अलग हो सकती है।
आपके लिए कौन सा बेहतर?
अगर आपका परिवार छोटा है और आप रोजाना स्नैक्स, फ्रोजन फूड, पनीर, चिकन या सब्जियां जल्दी बनाना चाहते हैं, तो एयर फ्रायर बेहतर विकल्प हो सकता है। यह कम मात्रा में खाना जल्दी तैयार करने और कम तेल इस्तेमाल करने के लिए सुविधाजनक है। वहीं, अगर आपको केक, ब्रेड, पिज्जा और दूसरे बेकिंग आइटम बनाने हैं या एक साथ ज्यादा खाना तैयार करना है, तो OTG या कन्वेक्शन ओवन ज्यादा उपयोगी रहेगा।
खरीदने से पहले ये बात जरूर देखें
सिर्फ वाटेज देखकर फैसला न करें। एयर फ्रायर खरीदते समय उसकी क्षमता, बास्केट का आकार, तापमान रेंज और प्रीसेट मोड देखें। ओवन के मामले में क्षमता, हीटिंग एलिमेंट, कन्वेक्शन फीचर और तापमान नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए।
