Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट स्कीम ( SIP) पिछले कुछ वर्षों में सबसे लोकप्रिय निवेशों में से एक बन गई है। कंपाउंडिंग की वजह से SIP आपके पैसे को तेजी से बढ़ाने में मदद करता। आमतौर पर कहा जाता है कि म्यूचुअल फंड में निवेश की रकम पर सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है। इस दर के हिसाब से देखें, तो हर महीने 5,000 रुपये का निवेश 20 साल में बढ़कर 50 लाख रुपये हो जाएगा। हालांकि, जोरदार रिटर्न के लिए आपको अपना म्यूचुअल फंड सावधानी से चुनना होगा। फिर आप म्यूचुअल फंड से मैक्सिमम लाभ उठा सकते हैं।
म्यूचुअल फंड एसआईपी
ऐसी कंपनियों पर फोकस करें
हमेशा बड़ी, स्थापित और प्रोवेन ट्रैक वाली कंपनियों के रिकॉर्ड पर फोकस करें। ये स्टॉक मार्केट में गिरावट के दौरान आपके निवेश पोर्टफोलियो को स्थिरता और फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करते हैं। वैल्यू स्टॉक अक्सर उनकी कंपनी के इन्हेरेंट वैल्यू से कम कीमत पर व्यापार करते हैं। वे आमतौर पर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक एंट्री प्वाइंट ऑफर करते हैं।
डायरेक्ट प्लान
अगर आप डायरेक्ट प्लान में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको बेहतर रिटर्न्स प्राप्त होते हैं। दरअसल डायरेक्ट प्लान्स में खर्च का रेश्यो यानी एक्सपेंस रेश्यो कम होता है। इसकी वजह से आपको बेहतर रिटर्न्स प्राप्त होते हैं।
म्यूचुअल फंड्स में आपको लीनियर रिटर्न्स नहीं मिलते हैं और इसीलिए आपको हर साल म्यूचुअल फंड्स से एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है। साथ ही कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि आपको रिटर्न्स ही न मिलें। इन्वेस्टमेंट के दौरान आपको इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
अलग-अलग कैटेगरी
म्यूचुअल फंड्स की अलग-अलग कैटेगरी होती है और हर कैटेगरी का रिस्क लेवल भी अलग होता है। अगर आप डायरेक्ट इक्विटी के मुकाबले इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिस्क कम होता है। इसी तरह हर कैटेगरी का अलग रिस्क होता है और इन्वेस्ट करने से पहले आपको उस फंड में मौजूद रिस्क के बारे में जान लेना चाहिए।
