Bank FD Vs Mutual Funds: पिछले कुछ समय के दौरान म्यूचुअल फंड काफी आकर्षक इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस के रूप में सामने आए हैं। म्यूचुअल फंड्स के माध्यम से बॉन्ड, कमोडिटी और इक्विटी में इन्वेस्ट कर मोटी कमाई की जा सकती है। म्यूचुअल फंड्स आपके द्वारा चुने गए एसेट की मार्केट परफॉर्मेंस के आधार पर आपको रिटर्न प्रदान करते हैं। दूसरी तरफ बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं हैं जो काफी लंबे समय से इन्वेस्टमेंट के लिए लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं। बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना में आप एक तय अवधि के लिए पैसे इन्वेस्ट करते हैं और बैंक आपको इन पैसों पर ब्याज देता है। लेकिन अगर आपको 5 सालों के लिए पैसे इन्वेस्ट करने हों तो इनमें से कौन सा ऑप्शन बेहतर है?
Bank FD Vs Mutual Funds: 5 साल की इन्वेस्टमेंट के लिए क्या है बेहतर
बैंक की 5 साल वाली फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं
बैंक की 5 साल वाली फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं में इन्वेस्ट करने पर आप 5 साल से पहले इन्वेस्ट किये गए पैसे नहीं निकाल सकते हैंडिपॉजिट ऐसा करने पर आपको पेनल्टी का भुगतान करना पड़ता है। फिलहाल देश के विभिन्न बैंक 7 दिनों से 10 साल वाली FD योजनाओं पर सालाना 4.25% से 8% ब्याज दे रहे हैं। 5 साल वाली FD योजनाओं पर विभिन्न बैंक सालाना 6.25% से 7.25% ब्याज प्रदान कर रहे हैं। FD में इन्वेस्ट करने की न्यूनतम रकम हर बैंक के हिसाब से अलग-अलग होती है। ध्यान रहे, अगर आप टैक्स में मिलने वाली छूट का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको सालाना 1.5 लाख रुपये ही इन्वेस्ट करने चाहिए।
म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्टमेंट
FD योजनाएं बैंक चलाते हैं जबकि म्यूचुअल फंड्स को फंड हाउस द्वारा चलाया जाता है। साथ ही म्यूचुअल फंड्स मार्केट से लिंक्ड होते हैं और इसीलिए FD के मुकाबले यह ज्यादा रिस्की होते हैं। देश में मौजूद विभिन्न म्यूचुअल फंड्स इस वक्त जबरदस्त परफॉर्म कर रहे हैं और पिछले 5 सालों के दौरान इन्वेस्टर्स को 12% से 36% सालाना रिटर्न प्रदान कर रहे हैं।
