Atal Pension Yojana : असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और गरीब तबके को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 'अटल पेंशन योजना' (APY) चला रही है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का हिस्सा बनी इस योजना का मुख्य मकसद देश के हर नागरिक को पेंशन के दायरे में लाना है। हाल ही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM), राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक विशेष जागरूकता और नामांकन अभियान आयोजित किया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लोगों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को इस सामाजिक सुरक्षा योजना से जोड़ना है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि संगठित तालमेल और बैंकिग प्रयासों के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जा सकता है। यह योजना 60 साल की उम्र के बाद एक निश्चित मासिक पेंशन की गारंटी देती है, जिससे व्यक्ति का बुढ़ापा बिना किसी आर्थिक तंगी के कट सके। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि यह योजना क्या है, इसमें कितना पैसा मिलता है, खाता कैसे खोला जाता है और समय से पहले पैसा निकालने या मैच्योरिटी पर क्लेम करने के क्या नियम हैं।
अटल पेंशन योजना: कैसे पाएं हर महीने ₹5,000 पेंशन? खाता खोलने से लेकर मैच्योरिटी क्लेम की पूरी गाइड
क्या है अटल पेंशन योजना और कौन ले सकता है लाभ?
अटल पेंशन योजना सरकार द्वारा प्रायोजित एक पेंशन योजना है, जिसका संचालन PFRDA (पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण) करता है। 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना से जुड़ सकता है। आवेदन करने वाला व्यक्ति आयकर (Income Tax) दाता नहीं होना चाहिए। व्यक्ति को 60 वर्ष की उम्र तक हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है। यह राशि इस बात पर निर्भर करती है कि उसने किस उम्र में योजना शुरू की है और वह बुढ़ापे में कितनी पेंशन चाहता है।
कितनी मिलती है मासिक पेंशन?
इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को हर महीने गारंटीकृत पेंशन दी जाती है। ग्राहक अपनी सुविधा और अंशदान (contribution) के हिसाब से पेंशन की राशि चुन सकते हैं। योजना के तहत मिलने वाली 5 निश्चित मासिक पेंशन स्लैब इस प्रकार हैं:-
- 1,000 रुपये प्रति माह
- 2,000 रुपये प्रति माह
- 3,000 रुपये प्रति माह
- 4,000 रुपये प्रति माह
- 5,000 रुपये प्रति माह
आपने 18 से 40 वर्ष के बीच कितना अंशदान जमा किया है, उसी के आधार पर तय होता है कि 60 की उम्र के बाद आपको इनमें से कौन सी पेंशन राशि मिलेगी।
कैसे खोलें अटल पेंशन योजना (APY) का खाता?
अटल पेंशन योजना में खाता खोलना बेहद आसान है। इसके लिए आपके पास किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस (डाकघर) में बचत खाता (Savings Account) होना अनिवार्य है, जो आपके आधार कार्ड से लिंक हो।
ऑनलाइन प्रक्रिया:- अपने बैंक के इंटरनेट बैंकिंग (Net Banking) पोर्टल पर लॉगिन करें। 'Social Security Schemes' या 'APY registration' सेक्शन में जाएं। फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) सुविधा को ऑन करें। इससे हर महीने तय तारीख को पेंशन की किश्त अपने आप आपके खाते से कट जाएगी।
ऑफलाइन प्रक्रिया:- अपने नजदीकी बैंक शाखा या पोस्ट ऑफिस में जाएं जहाँ आपका बचत खाता है। वहां से APY रजिस्ट्रेशन फॉर्म प्राप्त करें। फॉर्म में सभी जरूरी विवरण भरें और अपने आधार कार्ड की एक फोटोकॉपी संलग्न करें। फॉर्म जमा करने के बाद बैंक आपको एक पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) देगा। आवेदन स्वीकृत होते ही आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पुष्टि का संदेश (Confirmation SMS) आ जाएगा।
मैच्योरिटी पर पेंशन क्लेम कैसे करें?
अटल पेंशन योजना की अवधि ग्राहक के 60 वर्ष की आयु पूरा करने तक होती है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होते ही खाताधारक 100% पेंशन राशि का लाभ लेने के लिए पात्र हो जाता है। 60 वर्ष पूरे होने पर ग्राहक को अपनी संबंधित बैंक शाखा या पोस्ट ऑफिस में जाकर पेंशन क्लेम का आवेदन जमा करना होता है। बैंक द्वारा प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद लाभार्थी के खाते में हर महीने चुनी गई पेंशन राशि जमा होनी शुरू हो जाती है। यह पेंशन लाभार्थी को उसके जीवित रहने तक जीवनभर मिलती है।
क्या समय से पहले (Premature Withdrawal) पैसा निकाल सकते हैं?
सामान्य परिस्थितियों में 60 वर्ष की आयु से पहले खाता बंद करने या पैसा निकालने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में प्री-मैच्योर विड्रॉल की इजाजत दी है। अगर 60 वर्ष से पहले खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी पेंशन या जमा राशि उसके पति/पत्नी (Spouse) को दी जाती है। अगर पति-पत्नी दोनों नहीं हैं, तो पूरा जमा कॉर्पस नामांकित व्यक्ति (Nominee) को सौंप दिया जाता है। अगर खाताधारक किसी जानलेवा या गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाता है और उसे इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है, तो वह 60 वर्ष से पहले भी अपना खाता बंद कराकर पैसा निकाल सकता है।
ध्यान रखने योग्य बात
अगर कोई ग्राहक 60 वर्ष की उम्र से पहले बिना किसी आपातकालीन कारण के स्वैच्छिक रूप से (Voluntarily) खाता बंद करता है, तो उसे केवल उसके द्वारा जमा किया गया अंशदान और उस पर मिला ब्याज ही वापस दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा दिया गया सह-अंशदान (Government Co-contribution) और उस पर बना ब्याज जब्त कर लिया जाता है।
