World Migratory Bird Day: हर साल हजारों किलोमीटर का सफर तय करके जब प्रवासी पक्षी भारत पहुंचते हैं, तो यहां की झीलें और नदियां रंग-बिरंगे परिंदों से गुलजार हो उठती हैं। कोई साइबेरिया की बर्फीली धरती से उड़कर आता है, तो कोई मध्य एशिया और यूरोप के ठंडे इलाकों से भारत का रुख करता है। इन पक्षियों की लंबी यात्रा प्रकृति के अद्भुत चक्र और जीव-जंतुओं के बीच मौजूद गहरे संबंधों की कहानी कहती है।
World Migratory Bird Day यानी विश्व प्रवासी पक्षी दिवस के मौके पर इन परिंदों के सफर, उनके प्राकृतिक आवास और संरक्षण के महत्व को समझना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर आइए जानते हैं भारत की पांच ऐसी जगहों (Bird Watching in India) के बारे में, जहां प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को खास अनुभव देती है।
1. चिलिका झील, ओडिशा
अगर आपको नेचर के बीच सुकून के पल बिताना पसंद है, तो ओडिशा की चिलिका झील शानदार विकल्प है। एशिया की प्रमुख खारे पानी की लैगून में शामिल इस झील में सर्दियों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। यहां फ्लेमिंगो, बतखों और दूसरे जलपक्षियों को देखना अपने आप में खास अनुभव है।
झील के नलबाना पक्षी अभयारण्य में पक्षियों की मौजूदगी इसे और खास बनाती है। सुबह के समय पानी के ऊपर उड़ते पक्षियों के झुंड और शांत वातावरण का नजारा फोटोग्राफी के शौकीनों को खूब पसंद आ सकता है।

चिल्का झील
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2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान
राजस्थान के भरतपुर में मौजूद केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि बर्ड लवर्स के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है। सर्दियों में यहां कई तरह के प्रवासी पक्षी दिखाई देते हैं।
यहां पैदल घूमना, साइकिल से पार्क एक्सप्लोर करना और गाइड की मदद से अलग-अलग पक्षियों को पहचानना आपके ट्रिप को और दिलचस्प बना सकता है। अगर आपको मोबाइल या कैमरे से वाइल्डलाइफ की तस्वीरें लेना पसंद है, तो यह जगह आपको शानदार मौके दे सकती है।
3. सांभर झील, राजस्थान
राजस्थान की सांभर झील भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है। सर्दियों में यहां फ्लेमिंगो सहित कई जलपक्षियों को देखा जा सकता है। दूर तक फैला नमक का मैदान, खुला आसमान और पानी के किनारे नजर आते पक्षी इस जगह को बाकी टूरिस्ट डेस्टिनेशन से अलग बनाते हैं।
यहां का लैंडस्केप फोटोग्राफी और शांत माहौल पसंद करने वालों को खास तौर पर आकर्षित कर सकता है। हालांकि, पक्षियों की मौजूदगी मौसम और पानी की स्थिति के हिसाब से बदलती रहती है।

सांभर झील, राजस्थान
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4. नल सरोवर पक्षी अभयारण्य, गुजरात
अहमदाबाद के पास स्थित नल सरोवर पक्षी अभयारण्य उन लोगों के लिए शानदार जगह है, जो ट्रैवल में कुछ अलग एक्सपीरियंस करना चाहते हैं। सर्दियों में यहां कई तरह के प्रवासी जलपक्षी आते हैं। झील में नाव की सवारी करते हुए पानी पर तैरते पक्षियों और आसमान में उड़ते झुंडों को देखना यादगार अनुभव हो सकता है।
यहां घूमने का प्लान बनाते समय सुबह का समय चुनना बेहतर हो सकता है। बस ध्यान रखें कि पक्षियों के करीब जाने या उन्हें उड़ाने की कोशिश करने के बजाय सुरक्षित दूरी से उन्हें देखना ज्यादा अच्छा है।
5. लोकटक झील, मणिपुर
नॉर्थ ईस्ट की खूबसूरती एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो मणिपुर की लोकटक झील को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। यह झील अपनी तैरती वनस्पति-भूमियों के लिए मशहूर है, जिन्हें फुमदी कहा जाता है। पानी के बीच तैरते ये प्राकृतिक भूभाग झील को बेहद अनोखा लुक देते हैं।
यहां का शांत वातावरण, हरियाली और पक्षियों की मौजूदगी आपको शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के करीब ले जाती है। लोकटक झील और आसपास के आर्द्र क्षेत्र कई तरह के पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आवास हैं।

लोकटक झील, मणिपुर
क्यों मनाया जाता है विश्व प्रवासी पक्षी दिवस?
विश्व प्रवासी पक्षी दिवस का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों, उनके प्राकृतिक आवासों और उनके सामने आने वाले खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। बदलती जलवायु, आर्द्रभूमियों का नष्ट होना, प्रदूषण, कांच की इमारतों से टकराव और प्राकृतिक आवासों में मानवीय हस्तक्षेप कई पक्षी प्रजातियों के लिए चुनौती बन सकते हैं। तो इस बार यदि आप कहीं आप घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको इन जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।
