Famous Krishna Temples: भगवान कृष्ण का नाम आते ही किसी को वृंदावन की गलियां याद आती हैं, किसी के मन में द्वारका का समुद्र उभरता है तो किसी को जन्माष्टमी के दौरान सजे मंदिरों की तस्वीर दिखाई देती है। श्री कृष्ण से जुड़ी जगहों की खासियत यही है कि यहां धार्मिक माहौल के साथ स्थानीय संस्कृति की भी अपनी अलग झलक मिलती है। मंदिर के आसपास की गलियां, प्रसाद की दुकानें, फूलों की खुशबू, भजन और भक्तों की भीड़ मिलकर यात्रा को सिर्फ दर्शन तक सीमित नहीं रहने देती।
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अगर आप कृष्ण भक्त हैं, तो इस कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ दिव्य कृष्ण मंदिर आपकी यात्रा सूची में जरूर होने चाहिए। इनमें से कुछ जगहों पर सुबह की आरती का माहौल खास होता है, तो कहीं शाम के समय मंदिर की रौनक देखने लायक होती है। आइए जानते हैं तीन ऐसे प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर, जहां एक बार जाना कई लोगों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है।
1. बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन
उत्तर प्रदेश के वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर कृष्ण भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां भगवान कृष्ण को बांके बिहारी के रूप में पूजा जाता है। मंदिर की सबसे दिलचस्प बात यहां का भक्तिमय और जीवंत माहौल है। दर्शन के लिए आने वाले लोगों के बीच भजन, जयकारे और आसपास की गलियों की रौनक आपको वृंदावन की अलग ही दुनिया में ले जाती है।
अगर यहां जाएं तो सिर्फ मंदिर देखकर वापस न लौटें। वृंदावन की पुरानी गलियों में पैदल घूमना, स्थानीय प्रसाद चखना और आसपास के दूसरे धार्मिक स्थलों को देखना यात्रा को और खास बना सकता है।
2. द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका
गुजरात के द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को राजा के रूप में देखने का अवसर देता है। इसे कृष्ण की नगरी द्वारका से जोड़कर देखा जाता है।मंदिर की वास्तुकला और समुद्र के करीब इसका वातावरण इसे अलग पहचान देते हैं। यहां दर्शन के साथ द्वारका की दूसरी धार्मिक और समुद्री जगहों को देखना भी अच्छा अनुभव हो सकता है। सुबह या शाम मंदिर के आसपास का माहौल देखने के लिए समय जरूर निकालें।
3. जगन्नाथ मंदिर, पुरी
ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर भगवान जगन्नाथ को समर्पित है। यहां की सबसे बड़ी पहचान रथ यात्रा है, लेकिन सामान्य दिनों में भी मंदिर और पुरी का वातावरण यात्रियों को आकर्षित करता है। मंदिर के साथ समुद्र तट, भोजन और शहर की पारंपरिक संस्कृति को जानना यात्रा को और दिलचस्प बना सकता है।
जन्माष्टमी के अवसर पर अगर आप इन मंदिरों में से कहीं भी जा सकते हैं। हालांकि जन्माष्टमी पर इन मंदिरों में बहुत भीड़ हो सकती है, इसलिए अपनी तैयारी और सही जानकारी लेकर ही जाएं। हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि, इन जगहों की खूबसूरती सिर्फ मंदिरों में नहीं, बल्कि उनके आसपास बसे जीवन में भी छिपी है। इसलिए अगली बार कृष्ण मंदिर की यात्रा करें तो केवल दर्शन करके लौटने के बजाय शहर को महसूस करने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय जरूर रखें।
