Travel Tips And Hacks: ट्रैवल का नाम सुनते ही दिमाग में एक लंबी खर्चों की लिस्ट घूमने लगती है.. टिकट, होटल, खाना, घूमना और शॉपिंग। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि कई बार ज्यादा पैसे बड़ी चीजों पर नहीं, बल्कि रास्ते में किए गए छोटे-छोटे खर्चों में निकल जाते हैं। एयरपोर्ट की महंगी कॉफी, हर जगह कैब लेना, बिना चेक किए होटल बुक करना या जरूरत से ज्यादा सामान खरीदना बजट को चुपचाप बढ़ाता रहता है।
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अगर आप भी हर ट्रिप के बाद यह सोचते हैं कि इतना खर्च आखिर हुआ कहां?, तो अगली यात्रा से पहले कुछ छोटी आदतें बदलकर देखिए। जरूरी नहीं कि कम पैसे खर्च करने का मतलब कम घूमना या कम मजा लेना हो। असली बचत तब होती है, जब पैसा उन चीजों पर खर्च हो जो आपकी यात्रा को सच में बेहतर बनाती हैं।
टिकट बुक करने से पहले करें ये
यात्रा की तारीख तय होने के बाद तुरंत टिकट बुक करने के बजाय अलग-अलग दिनों के किराए की तुलना करें। कई बार एक दिन आगे या पीछे जाने से अच्छा खासा अंतर मिल जाता है। अगर संभव हो तो छुट्टियों और बेहद व्यस्त दिनों से बचें।
होटल हैक
सस्ता होटल देखकर खुश होने से पहले उसकी लोकेशन जरूर देखें। अगर होटल मुख्य जगहों से बहुत दूर है और रोज आने-जाने में कैब का बड़ा खर्च हो रहा है, तो कम कमरे का किराया भी महंगा पड़ सकता है।
स्मार्ट ट्रेवल के लिए हमेशा होटल चुनते समय नाश्ता, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दूरी और आसपास खाने की जगहें भी देखें। कई बार थोड़ा महंगा लेकिन सही जगह पर होटल कुल खर्च में सस्ता साबित होता है।
हर जगह कैब लेना जरूरी नहीं
नई जगह पहुंचते ही कैब सबसे आसान विकल्प लगती है, लेकिन यही आदत बजट पर भारी पड़ सकती है। जहां मुम्किन हो बस, मेट्रो, ट्रेन या पैदल घूमने का विकल्प देखें। लोकल परिवहन इस्तेमाल करने से सिर्फ पैसे ही नहीं बचते, बल्कि शहर को करीब से देखने का मौका भी मिलता है।
बाहर खाने का स्मार्ट तरीका अपनाएं
हर भोजन किसी महंगे रेस्तरां में करना जरूरी नहीं। जिस शहर में जा रहे हैं, वहां के लोकल और पॉपुलर खाने की जगहों को पहले से खोज लें। कई सारी एप्स डिस्काउंट भी देती है, ऐसे में अलग अलग जगहों पर आप डिस्काउंट और अन्य ऑफर्स भी जरूर चेक करें।
शॉपिंग हैक
छुट्टियों में सबसे ज्यादा बजट अक्सर शॉपिंग करने में बिगड़ता है। इसलिए निकलने से पहले शॉपिंग के लिए अलग बजट तय करें। लोकल बाजार में कीमत पूछने और दो-तीन दुकानों से तुलना करने की आदत भी काम आती है।
हर दिन के अंत में सिर्फ दो मिनट निकालकर देखें कि आज कितना खर्च हुआ और किस चीज पर हुआ। इससे अगले दिन बेवजह के खर्च को तुरंत नियंत्रित किया जा सकता है।
