Scenic Highway: अगर आप ऐसी रोड ट्रिप की तलाश में हैं जहां हर मोड़ पर नजारा बदल जाए और ऐसा लगे कि बादल आपकी कार के साथ-साथ चल रहे हैं, तो मेघालय के शिलांग से चेरापूंजी (Shillong to Cherrapunji Road) तक का सफर आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होना चाहिए। करीब 55 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भारत की सबसे खूबसूरत ड्राइव्स में गिना जाता है। खासकर मानसून के दौरान यहां का नजारा इतना मनमोहक होता है कि पूरी यात्रा किसी फिल्म के दृश्य जैसी महसूस होती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
मंजिल से खूबसूरत है इस रास्ते का सफर
बादलों के बीच से गुजरती सड़क
इस रूट की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां बादल सिर्फ आसमान में नहीं, बल्कि सड़क तक उतर आते हैं। कई जगहों पर गाड़ी घने बादलों और धुंध के बीच से गुजरती है। पहाड़ों की ठंडी हवा, हल्की बारिश और चारों तरफ फैली हरियाली इस सफर को यादगार बना देती है।
हर मोड़ पर बदलता है नजारा
शिलांग-चेरापूंजी हाईवे का हर मोड़ एक नया दृश्य पेश करता है। कहीं गहरी घाटियां नजर आती हैं तो कहीं पहाड़ों से गिरते झरने। मानसून में तो सड़क के किनारे दर्जनों अस्थायी झरने भी बहने लगते हैं। यही वजह है कि यह रूट फोटोग्राफर्स, बाइकर्स और रोड ट्रिप लवर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है।
रास्ते में दिखेंगे ये शानदार स्पॉट
इस सफर के दौरान कई ऐसे स्थान मिलते हैं जहां कुछ देर रुकना बनता है। मावकडोक-डिमपेप वैली व्यू पॉइंट से बादलों से ढकी घाटियों का शानदार नजारा दिखाई देता है। आगे बढ़ते ही नोहकलिकाई फॉल्स का विशाल जलप्रपात आपका स्वागत करता है। समय हो तो सेवन सिस्टर्स फॉल्स और इको पार्क भी इस ट्रिप का हिस्सा जरूर बनाएं।
मानसून में बढ़ जाती है खूबसूरती
चेरापूंजी दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले इलाकों में शामिल रहा है। जून से सितंबर के बीच यहां लगातार बारिश होती है, जिससे पूरी घाटी गहरे हरे रंग की चादर ओढ़ लेती है। पहाड़ों पर तैरते बादल, बारिश की बूंदें और धुंध से घिरी सड़कें इस ड्राइव को भारत के सबसे रोमांटिक और सिनेमाई रोड ट्रिप अनुभवों में बदल देती हैं।
कब जाएं और कैसे करें प्लानिंग
अगर बादलों के बीच ड्राइव का असली मजा लेना चाहते हैं तो जून से सितंबर का समय सबसे बेहतर माना जाता है। हालांकि साफ मौसम और लंबी विजिबिलिटी के लिए अक्टूबर से फरवरी भी अच्छा विकल्प है। यात्रा के दौरान रेनकोट, हल्का गर्म जैकेट, वाटरप्रूफ जूते और कैमरा साथ रखना न भूलें। बारिश के मौसम में सड़क फिसलन भरी हो सकती है, इसलिए सावधानी से ड्राइव करें।
