Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में जन्मभूमि के अलावा जरूर करें इन 5 मंदिरों के दर्शन, हर जगह दिखेगी कान्हा की अलग छवि

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ इन पांच प्रमुख मंदिरों के दर्शन जरूर करें। हर मंदिर में आपको कृष्ण भक्ति का अलग और अनोखा रंग देखने को मिलेगा।

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचना किसी सामान्य धार्मिक यात्रा से कहीं अलग अनुभव होता है। गलियों में गूंजते भजन, मंदिरों में सजे फूल-बंगले, कान्हा के जयकारे और हर तरफ दिखाई देती भक्ति इस शहर को कृष्णमय बना देती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन तो श्रद्धालुओं की पहली प्राथमिकता होते हैं, लेकिन मथुरा और आसपास का ब्रज क्षेत्र ऐसे कई मंदिरों से भरा है, जहां कान्हा की बाल लीलाओं से लेकर उनके राजसी स्वरूप तक के दर्शन किए जा सकते हैं। अगर आप जन्माष्टमी पर मथुरा जा रहे हैं, तो इन पांच मंदिरों (Krishna Temples in Mathura) को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें।

Janmashtami 2026

जन्माष्टमी पर करें इन 5 मंदिरों के दर्शन

1. द्वारकाधीश मंदिर

यमुना किनारे विश्राम घाट के आसपास स्थित द्वारकाधीश मंदिर मथुरा के प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान कृष्ण का द्वारकाधीश स्वरूप भक्तों को आकर्षित करता है। मंदिर की स्थापत्य शैली और उत्सवों की भव्यता इसे खास बनाती है। जन्माष्टमी के दौरान यहां भक्ति और उत्सव का माहौल देखने लायक होता है। जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान मंदिर संरचना का निर्माण 1814 में सेठ गोकुल दास पारीख ने कराया था।

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