McLeod Ganj Travel: शोर-शराबा, भीड़-भाड़ और तनाव से दूर अगर आप किसी ऐसी डेस्टिनेशन की तलाश में हैं जहां सिर्फ हरियाली, बादल और सुकून हो तो मैक्लोडगंज का रुख कर सकते हैं। मैक्लोडगंज की यात्रा आपके दिल और दिमाग दोनों को आराम देगी। ये एक ऐसी जगह है जहां ना कोई क्लब है, ना कोई हल्ला-गुल्ला ऐसे में आप यहां प्रकृति की गोद में दो पल सुकून के बिता सकते हैं।
McLeod Ganj tourism (photo: canva)
मैक्लोडगंज में घूमने की जगहें: दलाई लामा मंदिर, नरकंडा और तिहर वन्यजीव अभयारण्य, भालू मंदिर और कांगड़ा घाटी यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा आप ट्रेकिंग के लिए मैक्लोडगंज से त्रिकुटा पर्वत और भांगिया पास जैसे ट्रेक का रुख कर सकते हैं।
मैक्लोडगंज की खासियत: प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर ये जगह तिब्बती संस्कृति का केंद्र भी है। घने जंगल, हरे-भरे मैदान और बर्फ से ढकी चोटियां के अलावा आपको यहां तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का निवास स्थान भी मिल जाएगा। तिब्बती मंदिर और मठ इसे और भी ज्यादा स्पेशल बनाते हैं।
कैसे पहुंचें: नजदीकी रेलवे स्टेशन कांगड़ा या जालंधर है। धर्मशाला का गगली एयरपोर्ट इसके निकटतम एयरपोर्ट है। अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो जान लें कि धर्मशाला से मैक्लोडगंज तक सड़क से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
कब जाएं: मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का टाइम मैक्लोडगंज घूमने का सबसे आदर्श समय माना जाता है। सर्दियों में यहां तापमान बहुत कम हो जाता है और जमकर बर्फबारी होती है। मानसून या भारी बारिश के मौसम में यहां जाने से बचें।
