बर्ड लवर्स के लिए स्वर्ग, जानें क्यों मशहूर है केवलादेव नेशनल पार्क

Keoladeo National Park: केवलादेव नेशनल पार्क पहले भरतपुर बर्ड सेंचुरी के नाम से जाना जाता था। राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित ये नेशनल पार्क भारत के सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थलों में से एक है। 1985 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता मिली थी जहां घूमने जाने का आप प्लान कर सकते हैं।

Keoladeo National Park: केवलादेव नेशनल पार्क हर साल सर्दियों के मौसम में नेचर लवर्स विशेष रूप से बर्ड लवर्स, का ध्यान खींचता है। यहां 370 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं जो इसे यूनीक और अनूठा ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाती है। केवलादेव नेशनल पार्क की बनावट कुछ इस तरह की है कि जगह-जगह अलग-अलग गहराई वाले छोटे-छोटे तालाब बने हुए हैं।

केवलादेव नेशनल पार्क

केवलादेव नेशनल पार्क

इसी वजह से कई तरह की पक्षी प्रजातियां यहां आराम से रह पाती हैं। यूनेस्को के मुताबिक, यह पार्क मीडिल ईस्ट से आने वाले प्रवासी पक्षियों के रास्ते पर पड़ता है और यहां पानी भी भरपूर मिलता है।सर्दियों में यहाँ बत्तखें, कलहंस, कूट, पेलिकन और कई जलचरी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं। सबसे खास बात यह है कि गंभीर रूप से लुप्तप्राय साइबेरियाई सारस के लिए यह दुनिया में एकमात्र जाना-पहचाना शीतकालीन ठिकाना है।

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