Budget 2026 Tourism: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में Union Budget पेश करते हुए कहा कि टूरिज्म सेक्टर देश में रोजगार बढ़ाने और विदेशी मुद्रा कमाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है। वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को पहले से भी ज्यादा मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मौजूदा नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा।
बजट 2026 में टूरिज्म फोकस
उन्होंने कहा कि यह संस्थान पढ़ाई, इंडस्ट्री और सरकार तीनों के बीच कड़ी का काम करेगा। मतलब, यहां छात्रों को ऐसी ट्रेनिंग मिलेगी जो सीधे होटल और टूरिज्म इंडस्ट्री की जरूरतों से जुड़ी होगी। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने ये भी प्रस्ताव रखा कि देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग देने के लिए एक पायलट स्कीम शुरू की जाएगी। इससे गाइड्स को बेहतर स्किल मिलेगी और टूरिस्ट्स को भी अच्छी सर्विस मिल सकेगी।
सरल शब्दों में कहें तो सरकार टूरिज्म सेक्टर को बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बनाना चाहती है और इसके लिए ट्रेनिंग व एजुकेशन पर खास जोर देने जा रही है। सरकार अब ऐसा पर्यटन बढ़ाना चाहती है, जो एडवेंचर भी दे और पर्यावरण की सुरक्षा भी करे।
बजट का ट्रैवल गिफ्ट
बजट 2026 से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा (Union Budget 2026 Boosts Tourism)
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारत में वर्ल्ड-क्लास ट्रेकिंग और हाइकिंग एक्सपीरियंस देने की जबरदस्त क्षमता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इको-फ्रेंडली (पर्यावरण के अनुकूल) माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने जा रही है।
ये ट्रेल्स हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बनाए जाएंगे। इसके अलावा पूर्वी घाट के अराकू वैली और पश्चिमी घाट के पोधिगई मलई में भी ऐसे ट्रेकिंग रूट विकसित किए जाएंगे। खास बात ये है कि इन रास्तों को बनाते समय पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जाएगा, ताकि पर्यटन बढ़े लेकिन प्रकृति को नुकसान ना पहुंचे।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि समुद्री कछुओं (टर्टल्स) के संरक्षण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए खास टर्टल ट्रेल्स तैयार किए जाएंगे। ये ट्रेल्स उन जगहों पर बनेंगे जहां कछुए अंडे देने आते हैं-जैसे ओडिशा, कर्नाटक और केरल के समुद्री तट।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पुरातात्विक स्थल बनेंगे सांस्कृतिक टूरिज्म हब
सरकार देश के 15 ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि जीवंत सांस्कृतिक डेस्टिनेशन बनाने जा रही है। मतलब, वहां सिर्फ खंडहर देखने की जगह ऐसा अनुभव मिलेगा जिससे लोग इतिहास को महसूस कर सकें। वित्त मंत्री ने बताया कि जिन जगहों पर खुदाई हो चुकी है, वहां खास वॉकवे (घूमने के रास्ते) बनाए जाएंगे, ताकि आम लोग सुरक्षित तरीके से उन प्राचीन स्थलों को नजदीक से देख सकें।
विदेश यात्रा अब पड़ेगी सस्ती
बजट 2026 में विदेश घूमने वालों के लिए बड़ी राहत दी गई है। अब इंटरनेशनल टूर पैकेज पर लगने वाला TCS (Tax Collected at Source) कम कर दिया गया है। पहले ये 5% या 20% तक लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 2% फ्लैट कर दिया गया है और कोई न्यूनतम रकम की शर्त भी नहीं रहेगी। इससे विदेश यात्रा प्लान करना पहले से ज्यादा आसान और किफायती हो जाएगा।
विदेश जाना सस्ता
पूर्वोदय में बनेंगे 5 बड़े टूरिज्म हब
सरकार पूर्वोदय राज्यों-बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 बड़े पर्यटन केंद्र विकसित करेगी। इन जगहों पर बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के लिए 4,000 ईबसों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि पर्यटकों को आने-जाने में आसानी हो और प्रदूषण भी कम हो।
देश में बनेंगे नए टूरिज्म हब
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
सरकार अब देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने जा रही है, जिससे बड़े शहरों के बीच सफर तेज और आसान हो जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि ये कॉरिडोर सिर्फ ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए भी होंगे। इन्हें ग्रोथ कनेक्टर कहा जा रहा है, यानी ये शहरों की तरक्की और कनेक्टिविटी दोनों को मजबूत करेंगे।
ये हाई-स्पीड रेल रूट इन शहरों को जोड़ेंगे:
- मुंबई-पुणे
- हैदराबाद-पुणे
- हैदराबाद-बेंगलुरु
- हैदराबाद-चेन्नई
- चेन्नई-बेंगलुरु
- दिल्ली-वाराणसी
- वाराणसी-सिलीगुड़ी
आने वाले समय में इन शहरों के बीच सफर तेज, आरामदायक और ज्यादा इको-फ्रेंडली होने वाला है। इससे समय बचेगा और बिजनेस व टूरिज्म दोनों को फायदा मिलेगा।
